कोरबा. शहर के एमपी नगर में गुरुवार-शुक्रवार की रात रिटायर्ड महिला कर्मी सुमित्रा बाई महंत की हत्या उसके ही पड़ोसी टैक्सी ड्राइवर शिशु पालन जी उर्फ बालन ने की थी। उसने सुमित्रा से उधार में 8 हजार रुपए लिए थे। इसके लिए वह आए दिन तकादा करती थी। वहीं उससे गाली-गलौज और विवाद भी होता रहता था। टैक्सी ड्राइवर के परिचितों के साथ घर में शराबखोरी करने पर भी सुमित्रा एतराज करती थी। घटना दिन भी देर शाम टैक्सी ड्राइवर के शराब पीने के दौरान वह गाली-गलौज करते हुए पैसा वापस करने को बोल रही थी। इससे परेशान होकर उसने सुमित्रा की हत्या करने की सोची। देर रात वह उसके घर में पहुंचा और हत्या करने के बाद पुलिस को गुमराह करने सुमित्रा के गले से हार निकाल लिया था और सुबह की बुकिंग की जगह रात 3 बजे ही टैक्सी लेकर वहां निकल गया था। इससे ही उस पर पुलिस का संदेह गहरा गया था। इसके आधार पर पर्याप्त साक्ष्य भी जुटाकर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
हत्या कर बदले कपड़े फिर टैक्सी लेकर चला गया
टैक्सी ड्राइवर बालन ने पुलिस को बयान में बताया सुमित्रा की आदत ऐसी थी कि वह दोस्तों को घर लाता था तो उन्हें देखकर गाली-गलौज करती थी। घर में खाना-पीना चलने पर भद्दी-भद्दी गाली देते हुए बेइज्जत करती थी। इसलिए परेशान होकर देर रात वह उसके घर घुसा, जहां प्रेशर कुकर के ढक्कर और लोढ़ा (पत्थर) से सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। वापस घर आकर उसने कपड़ा बदल लिया था, फिर टैक्सी लेकर बुकिंग में निकल गया था।
उधार के तकादे से था तंग: करीबियों पर ही था संदेह
एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया जिस तरीके से हत्या हुई थी, उससे करीबियों के हाथ होने का संदेह पुलिस को था। मृतका के दोनों बेटों से पूछताछ में उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई, बल्कि पड़ोसी टैक्सी चालक से सुमित्रा के आए दिन झगड़ा होने का पता चला। वहीं घटना वाली रात उसका वाहन लेकर बाहर जाने से संदेह बढ़ा।

