मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मशहूर रंग निर्देशक और आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक, मिर्ज़ा मसूद जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुखद घटना को एक महत्वपूर्ण कला समुदाय की हानि माना और मसूद जी के समर्पण और योगदान को याद किया।
मिर्ज़ा मसूद जी ने अपने जीवन को रंगमंच को समर्पित कर दिया था। उन्होंने अपनी कला में नए आयाम स्थापित किए और दर्शकों को अपनी अनूठी दृष्टि से प्रेरित किया। उनके निधन से भारतीय कला जगत ने एक अमूर्त नुकसान सहा है, जिसका संघर्ष लंबे समय तक महसूस होगा।
मुख्यमंत्री साय ने अपने शोक संदेश में कहा, “मिर्ज़ा मसूद जी ने अपनी करिश्माई आवाज़ और अंदाज़ से अपने को विशेष बनाया। उन्होंने न केवल रंगमंच पर अपना प्रभाव डाला, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी कमेंट्री के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनके योगदान को छत्तीसगढ़ सरकार ने 2019 में चक्रधर सम्मान से नवाजा था।”
मिर्ज़ा मसूद जी ने अपने अद्वितीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में व्यापक योगदान दिया, जिसका परिणाम सामूहिक रूप से महसूस किया जा सकता है। उनकी दृष्टि और उनके कार्यों ने कला के क्षेत्र में नई दिशाएँ खोलीं, जो आज भी उनकी याद में गहराई से महसूस होती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी प्रतिभा और कौशल को सराहा और उनके साथी कलाकारों, श्रोतागणों और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मसूद जी की विरासत और उनके कला के आदर्श हमेशा याद की जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

