भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री अक्षरा सिंह की समस्याएँ हाल ही में बढ़ गई हैं, जब खगड़िया की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। अदालत का यह आदेश 6 सितंबर 2024 को आया है। आरोप है कि अक्षरा सिंह ने 2018 में खगड़िया के जेएनकेटी मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लाखों रुपए वसूले थे, लेकिन अंततः वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं।
इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। इसके पूर्व, 12 मार्च 2020 को खगड़िया के एडीजे पंचमान कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकृत कर दिया था। कोर्ट ने मुंबई स्थित अक्षरा सिंह के पते पर नोटिस भेजने के साथ ही उनके पटना और मुंबई के पते पर गिरफ्तारी वारंट भेजने की व्यवस्था करने का आदेश भी दिया है।
क्या है मामला? 8 जुलाई 2018 को, खगड़िया के जेएनकेटी मैदान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें अक्षरा सिंह के शामिल होने की घोषणा की गई थी। कार्यक्रम के लिए लाखों रुपए का चंदा इकट्ठा किया गया और अन्य व्यवस्थाएं की गईं। हालांकि, अक्षरा सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, जिससे दर्शकों में गुस्सा फैल गया। लोगों ने कुर्सियां तोड़ दीं और तंबू में आग लगा दी, जिससे लगभग 25 लाख रुपए का सामान नष्ट हो गया। इसके परिणामस्वरूप आयोजक और अक्षरा सिंह के खिलाफ केस दायर किया गया।
अक्षरा सिंह के वकील कृष्णकांत झा ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्हें राजनीति और फिल्म उद्योग के कारण फंसाया गया है। वकील का कहना है कि अन्य आरोपियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अक्षरा सिंह से संपर्क किया था और उन्हें इसमें शामिल नहीं होने का कारण नहीं बताया गया।
अक्षरा सिंह की इस स्थिति ने उनकी प्रतिष्ठा और कानूनी स्थिति को संजीदा रूप से प्रभावित किया है। आगे क्या होता है, यह समय ही बताएगा।

