सारंगढ़. छत्तीसगढ़ के नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आज दोपहर को एक असामान्य और दुखद घटना घटी। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित कलश यात्रा पर अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में लगभग 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
घटना का विवरण
नवोदय दुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित इस कलश यात्रा में करीब 1,200 लोग शामिल थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल थे। यात्रा दोपहर करीब 12 बजे सरिया से थोड़ी दूरी पर स्थित पहाड़ तालाब पर पहुंची, जहां महिलाओं और युवतियों ने कलश में पानी भरने की तैयारी की थी।
जब महिलाएं पानी भरने लगीं, तभी कुछ बच्चे दौड़ते हुए वहां पहुंचे और इसके पीछे भारी संख्या में मधुमक्खियों का झुंड भी तालाब के पास पहुंच गया। अचानक मधुमक्खियों के हमले ने उपस्थित लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।
जान बचाने के प्रयास
इस घटना के दौरान कई लोग तालाब में कूदकर अपनी जान बचाने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि कुछ लोगों ने मंदिरों में शरण ली, जबकि अन्य ने पानी में कूदकर डूबकर अपनी जान बचाई। मधुमक्खियों के जाने के बाद वे बाहर निकले और राहत की सांस ली।
घायलों का उपचार
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले में 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में से कई को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उनका प्राथमिक उपचार किया गया और बाद में उन्हें घर भेज दिया गया। घायलों में वे लोग शामिल थे जो तालाब के पास थे और जिन पर मधुमक्खियों ने हमला किया।
शरारती तत्वों की आशंका
इस घटना के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। यह भी बताया गया कि कलश यात्रा के दौरान किसी प्रकार की आतिशबाजी नहीं की जा रही थी। फिर भी, मधुमक्खियों के इस हमले ने स्थानीय प्रशासन को चिंतित कर दिया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है और मधुमक्खियों के छत्ते से संबंधित मामलों की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की है। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।

