छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए नये साल से पहले एक खुशखबरी दी है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के मासिक भत्तों में बदलाव किया है, जिससे कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर की गई है, और इस फैसले से प्रदेश के कई कर्मचारियों को फायदा होगा। इस बदलाव के बारे में वित्त विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।
राज्य सरकार ने कुछ खास कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ते में वृद्धि की है। अब से राजस्व निरीक्षकों, विक्रय अमीन, सहायक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (ग्राम सेवक), सहायक विकास विस्तार अधिकारी, पशु चिकित्सा के क्षेत्र सहायक, और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के हैंडपंप तकनीशियनों को उनके मासिक भत्ते में बढ़ोतरी मिलेगी। इन कर्मचारियों को अब 350 रुपये प्रति माह की जगह 1200 रुपये प्रति माह यात्रा भत्ता मिलेगा। यह बदलाव राज्य सरकार द्वारा इन कर्मचारियों की कार्यशक्ति और उनकी जिम्मेदारी को मान्यता देने के रूप में किया गया है, ताकि वे अपने कार्यों को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें।
वहीं, जिला और तहसील स्तर के कर्मचारियों को भी इस बदलाव का लाभ मिलेगा। इनमें राजस्व विभाग के भृत्य और जमादार, वन विभाग और राजस्व विभाग के चेन मैन, न्यायिक और वाणिज्यक कर विभाग के प्रोसेस सर्वर, और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पटवारी शामिल हैं। इन कर्मचारियों के लिए मासिक यात्रा भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों को यात्रा करने में सहूलियत होगी और उनके कार्यों को भी बेहतर तरीके से अंजाम देने में मदद मिलेगी।
इस फैसले के साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि यात्रा भत्ते की अन्य शर्तें और नियम यथावत रहेंगे। इसका मतलब है कि यात्रा भत्ते को लेकर जो मौजूदा नियम और शर्तें थीं, वे इस बदलाव के बाद भी लागू रहेंगी। केवल भत्ते की राशि में बढ़ोतरी की गई है।
यह कदम छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कर्मचारियों की भलाई और कार्य प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। सरकार की कोशिश है कि कर्मचारियों को मिलने वाला भत्ता उनके काम के अनुरूप हो, ताकि वे और बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
नये साल से पहले इस फैसले से कर्मचारियों में खुशी की लहर है, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि इससे उनकी कार्य क्षमता में भी सुधार होगा। प्रदेश की सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों को लाभ होगा, बल्कि इससे सरकारी कामकाजी ढांचे में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।

