बालोद. साल 2024 के आखिरी दिन बालोद में वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, आठ ट्रैक्टरों को अवैध लकड़ी परिवहन करते हुए जब्त किया गया। यह कार्रवाई वन मंडल अधिकारी बीएस सरोटे के मार्गदर्शन में उप वन मंडल अधिकारी द्वारा की गई, जो वन विभाग की निगरानी में थी।
संक्षिप्त विवरण:
रात के समय में हुई इस कार्रवाई के दौरान, वन विभाग की टीम ने बालोद-लोहारा मुख्य मार्ग पर पाररास से जुंगेरा के बीच चार ट्रैक्टरों को पकड़ा, जो अवैध लकड़ी से भरे हुए थे। इसके अलावा, बघमरा-बालोद मार्ग के रेलवे फाटक के पास एक ट्रैक्टर और वनोपज जांच नाका तालगांव के समीप एक ट्रैक्टर के साथ-साथ ग्राम चैरेल के पास दो ट्रैक्टर भी जब्त किए गए।
इन सभी ट्रैक्टरों में अवैध रूप से काष्ठ (लकड़ी) लदी हुई थी, जिसे वन विभाग ने शासकीय काष्ठागार में जमा किया है। वन मंडल अधिकारी बीएस सरोटे ने बताया कि जब्त किए गए ट्रैक्टरों में प्रमुख रूप से कसही, साजा और अर्जुन जैसे प्रतिबंधित प्रजातियों की लकड़ी पाई गई। इसके अलावा, इन ट्रैक्टरों में अन्य मिश्रित प्रजाति की लकड़ी और जलाऊ चट्टा भी लदा हुआ था। जब्त की गई लकड़ी की कुल मात्रा 12 घनमीटर के आसपास बताई जा रही है।
अवैध लकड़ी तस्करी पर कड़ी कार्रवाई:
वन विभाग द्वारा जब्त किए गए ट्रैक्टरों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है और छत्तीसगढ़ वनोपज परिवहन अधिनियम 2001 के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई इस तथ्य को उजागर करती है कि बालोद और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से लकड़ी की तस्करी की जा रही है। विभाग ने बताया कि इन ट्रैक्टरों से पकड़ी गई लकड़ी को आरा मिलों में भेजे जाने की योजना थी, जहाँ इसे बेचा जाता और अवैध तरीके से उपयोग किया जाता।
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बालोद और उसके आस-पास के इलाकों में अवैध लकड़ी की तस्करी तेजी से बढ़ रही है। खासकर घटिया, बरही और लोहारा पलारी जैसे क्षेत्रों में अवैध लकड़ी की कटाई की जा रही है। यह लकड़ी फिर विभिन्न आरा मिलों में भेजी जाती है, जहां इसे काटकर स्थानीय बाजारों में खपाया जाता है। इन आरा मिलों में लकड़ी की माप धर्म कांटे में की जाती है, जहां से ये ट्रांसपोर्ट की जाती है।
वन विभाग ने इस पर कड़ी नजर रखने की बात की है और लगातार अवैध लकड़ी परिवहन की घटनाओं पर कार्रवाई करने की योजना बनाई है। पिछले कुछ समय में बालोद में अवैध लकड़ी की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं, जिससे वन विभाग की चिंता और बढ़ गई है।
इस बड़े एक्शन के जरिए, वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन को रोकने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इन अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आगामी दिनों में और कड़ी निगरानी और जांच से यह उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे अपराधों पर काबू पाया जा सकेगा, जिससे स्थानीय वनस्पतियों और जैविक विविधता का संरक्षण हो सके।
अवैध लकड़ी के कारोबार पर अंकुश लगाने और वन अपराधों को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग का यह अभियान निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव लाने की ओर अग्रसर है।

