रायपुर. सिविल लाइंस के कपड़ा कारोबारी आमिर सोहेल के अपहरण में शामिल संदीप ध्रुव शुक्रवार देर रात रेलवे स्टेशन में पकड़ा गया। गरियाबंद के पास घटारानी मार्ग पर पुलिस ने जब अपहरणकर्ताओं की कार को घेर लिया था, तब संदीप कार से कूदकर जंगल में भाग गया था। जंगल से बाहर आकर वह किसी तरह लिफ्ट लेकर रायपुर आया। छत्तीसगढ़ के बाहर भागने के लिए वह ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचा। वहीं पुलिस ने उसे दबोच लिया। एएसपी सिटी लखन पटले ने बताया संदीप का निवास डब्ल्यूआरएस कालोनी में है। वह प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी दोस्ती अपहरण गैंग के मास्टर माइंड आमीन अली के साथ है। वह आमीन का सबसे भरोसेमंद और करीबी है। आमीन के कहने पर संदीप भी आमिर सोहेल के अपहरण की साजिश में शामिल हो गया। पुलिस के अनुसार संदीप ही आमिर को कार में पकड़कर बैठा था। साइबर सेल की टीम ने उस कार का पता लगा लिया, जिसमें अपहरणकर्ताओं ने आमिर को बंधक बनाकर रखा था। पुलिस की टीम जंगल में कार तक पहुंच गई। पुलिस गाड़ी को देखते ही संदीप कूदकर भाग निकला। पुलिस ने उसके तीन साथियों को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद संदीप ने बताया कि वह काफी देर झाड़ियों में छिपा रहा। बाद में लिफ्ट लेकर रायपुर आया। वह अपने घर नहीं गया, क्योंकि उसे मालूम था कि घर पर पुलिस की निगरानी होगी। वह रिश्तेदार एक के यहां चला गया। वहां से परिचित के साथ स्टेशन पहुंचा।
परिचित उसे प्लेटफार्म में छोड़कर चला गया। संदीप गाड़ी के इंतजार में छिपकर बैठा हुआ था। पुलिस की टीम स्टेशन में तैनात थी। जवानों ने उसे खोज लिया। उसे शुक्रवार शाम कोर्ट पेश किया गया। वहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कुछ कारोबारी निशाने पर
पुलिस शक है कि आरोपी अपहरण में फिरौती वसूलने में सफल हो जाते तो कुछ और कारोबारी को निशाना बनाने की फिराक में। उन्होंने कुछ कारोबारियों के घर से दुकान आने जाने की रेकी की थी। वे उनसे भी सोशल मीडिया में लड़की बनकर बात कर रहे थे। हालांकि आरोपियों ने पुलिस को उन कारोबारी के बारे में नहीं बताया है, जिन्हें उन्होंने अपने टारगेट में रखा था। पुलिस आरोपियों के द्वारा बनाए गए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही हैं। पुलिस पता कर रही है कि कौन-कौन कारोबारी आरोपियों के निशाने में थे।
कई जगह बदली नंबर प्लेट
आरोपियों ने अपहरण के बाद पुलिस को चकमा देने के लिए तगड़ी प्लानिंग की थी। उन्होंने आमिर को ऐसी जगह बुलाया जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं है। इससे उनका फुटेज नहीं मिल सका। आरोपी ने अपनी कार की तीन फर्जी नंबर प्लेट बना रखी थी। रायपुर से बाहर निकलते ही एक जगह सूनसान में गाड़ी रोककर उन्होंने नंबर प्लेट बदली। उसके बाद उन्होंने दो-तीन जगहों पर नंबर प्लेट बदली।

