रायपुर. शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने गरियाबंद जिले के शासकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बारूका और मालगांव में शिक्षण व्यवस्था की जांच की। निरीक्षण में कक्षा 8वीं के छात्रों के अधिगम स्तर में भारी गिरावट और विषयगत समझ कमजोर पाए जाने पर शिक्षा सचिव ने नाराजगी जताई और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
दो शिक्षक निलंबित
शिक्षा सचिव ने कक्षा में छात्रों से बुनियादी प्रश्न पूछे, लेकिन उनके उत्तर असंतोषजनक रहे। अधिगम स्तर में गिरावट और शिक्षण व्यवस्था की खराब स्थिति के लिए उन्होंने बारूका स्कूल के प्रधान पाठक ललित कुमार साहू और मालगांव के संकुल समन्वयक भूपेन्द्र सिंह ठाकुर को जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। संभागीय संयुक्त संचालक राकेश कुमार पाण्डेय ने आदेश जारी कर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया।
दो शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शिक्षिका दीपा साहू और कविता साहू से शिक्षा सचिव ने शिक्षण प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। दोनों शिक्षिकाओं का शैक्षणिक स्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके अलावा विद्यालय की साफ-सफाई और प्रबंधन की स्थिति भी लचर मिली। इस पर शिक्षा सचिव ने नाराजगी जताते हुए दोनों शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है।
शिक्षा सचिव की सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे और लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर कठोर कार्रवाई होगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश
इस निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग को स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों का पुनः प्रशिक्षण कराया जाए और विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को सुधारने के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएं।

