जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ की 231 बटालियन के जवान सोमवार सुबह बीजापुर और दंतेवाड़ा की सीमा से लगे पुरगेल गाँव के पास सर्चिंग अभियान पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी का शिकार हो गए। धमाके में तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो जवानों की स्थिति काफी नाजुक थी। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत उनकी चिकित्सा सहायता के लिए एमआई 17 हेलिकॉप्टर को भेजा, जो घायल जवानों को लेकर रायपुर पहुंचा।
घायल जवानों की पहचान सीआरपीएफ के 231 बटालियन के रूप में की गई है। घटना के बाद उन सभी को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना से न केवल सुरक्षा बलों के बीच खलबली मच गई, बल्कि यह घटना नक्सलवादियों द्वारा किए गए लगातार हमलों का एक और उदाहरण है। नक्सलियों द्वारा आईईडी का इस्तेमाल सैनिकों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है, और यह युद्ध जैसे हालात उत्पन्न करने का एक हिस्सा बन चुका है।
अलर्ट पर रहे सुरक्षाबलों के बावजूद, नक्सलियों का यह हमला सीआरपीएफ के जवानों के लिए एक कड़ा संदेश है कि उन्हें नक्सलवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई में सतर्क और तैयार रहना होगा। इस हमले के बावजूद, सुरक्षा बलों का मनोबल कम नहीं हुआ है और वे नक्सलवाद के खिलाफ अपनी कार्यवाही जारी रखेंगे।
वर्तमान में, तीनों जवानों की हालत स्थिर है और उनके बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है। पुलिस और सुरक्षाबलों ने घटना के बाद इस इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी है और नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी रखा है।