छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में डीजे की तेज आवाज से मकान का छज्जा गिरने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कलेक्टर से व्यक्तिगत शपथपत्र में जवाब मांगा है। इस घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जिससे मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।
घटना का विवरण:
30 मार्च को बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र के केंवटपारा में एक डीजे की तेज आवाज ने आसपास के लोगों को परेशान कर दिया। डीजे की कंपन के कारण एक कमजोर मकान का छज्जा गिर गया, जिससे पास खड़े 10 लोग घायल हो गए। इन सभी में 11 वर्षीय प्रशांत केंवट गंभीर रूप से घायल हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सरकारी प्रतिक्रिया:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने अदालत में बताया कि डीजे की तेज आवाज से छज्जा गिरना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तव में डीजे वाहन का हिस्सा मकान से टकराया था। इस मामले में मकान मालिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डीजे संचालक और वाहन चालक को हिरासत में लेकर 15 दिनों के लिए रिमांड पर लिया है। इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत भी कानूनी कार्रवाई की गई है।
न्यायालय की कार्रवाई:
कोर्ट ने शासन के जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर बिलासपुर को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि मामले की सच्चाई का पता लगाना अत्यंत आवश्यक है ताकि पीड़ित के परिवार को न्याय मिल सके। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
यह मामला न केवल डीजे के संचालन पर सवाल उठाता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण में प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करता है। कोर्ट की हस्तक्षेप से अब इस घटना की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

