रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) के मामले की पुष्टि के बाद उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, रायगढ़ ने एक एडवायजरी जारी कर जिले के पोल्ट्री पालकों और व्यवसायियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
बर्ड फ्लू एक संक्रामक और घातक रोग है, जो पक्षियों के बीच तेजी से फैलता है और बैकयार्ड पोल्ट्री पालकों एवं पोल्ट्री व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। वर्तमान में कोरिया जिले के शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में इस रोग के मामले सामने आए हैं।
इस स्थिति को देखते हुए उप संचालक ने जिले के पोल्ट्री पालकों और व्यवसायियों को निर्देशित किया कि वे संक्रमित क्षेत्र और उसके आस-पास के इलाकों से किसी भी प्रकार की पोल्ट्री पक्षियों या उत्पादों की खरीद-बिक्री से बचें। इसके अलावा, पक्षियों में किसी भी प्रकार की असामान्य मृत्यु या अस्वस्थता के लक्षण दिखने पर तुरंत अपने नजदीकी पशु चिकित्सा संस्थान को सूचित करें।
जैव सुरक्षा (बायो-सिक्योरिटी) के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक बताया गया है। इसमें पोल्ट्री फार्म में प्रवेश के लिए डिसइंफेक्शन टनल का उपयोग, बायो-सिक्योर बैरियर बनाए रखना, और नियमित रूप से पोल्ट्री पक्षियों के स्वास्थ्य की निगरानी करना शामिल है।
पोल्ट्री व्यवसायियों को सलाह दी गई है कि वे बाजार में पक्षियों और उनके उत्पादों की बिक्री के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं। साथ ही, खेतों और फार्मों में पक्षियों के संपर्क में आने वाले लोगों को भी संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
इस संबंध में अधिकारियों ने जनता को भी सतर्क रहने और किसी भी असामान्य स्थिति की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की है ताकि इस संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके और पोल्ट्री उद्योग को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

