बलरामपुर. बलरामपुर जिले में हाथियों और मनुष्यों के बीच बढ़ते संघर्ष की घटनाएं चिंताजनक होती जा रही हैं। ताजा घटना प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम धरोहरा में घटी, जहां हाथियों के हमले में 45 वर्षीय शिवनाथ पिता सुखराम की दुखद मौत हो गई। यह घटना बीती रात करीब 12 बजे हुई जब शिवनाथ अपने घर के बाहर खड़ा था। अचानक हाथियों के एक दल ने हमला कर उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है, और ग्रामीण भयभीत हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों के साथ अचानक सामना होने के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, क्योंकि जंगलों में उनकी आवासीय जगह कम होती जा रही है।
इससे पहले भी बलरामपुर जिले में हाथियों के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है। वन विभाग ने हाथियों की निगरानी के लिए प्रयास किए हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों का संरक्षण और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित स्थान बनाना आवश्यक है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

