पत्थलगांव : छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव क्षेत्र के पतरापाली गांव का नाम “चुड़ैलझरिया” हाल ही में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस नाम की वजह से वे सामाजिक रूप से मजाक का पात्र बन रहे हैं और यह नाम उनकी पहचान और छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताई कि जब भी वे अपने गांव का नाम बताते हैं, लोग हंसने लगते हैं, जिससे उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। गाँव के एक निवासी ने कहा, “हमारे बच्चे और बुजुर्ग सभी इस नाम के कारण ताने सुनते हैं। ऐसे में यह हमारे लिए मानसिक तनाव का कारण बनता है।”
ग्रामीणों का मानना है कि “चुड़ैल” जैसे शब्द का इस्तेमाल उनके गांव की पहचान को नकारात्मक रूप में दर्शाता है। इसलिए, पतरापाली के निवासी अब एकजुट होकर प्रशासन से इस नाम को “सुंदर झरिया” में बदलने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि हमारी पहचान की बात है। हम सम्मान के साथ जीना चाहते हैं।”
ग्रामीणों का यह उत्साह इस बात का संकेत है कि वे अपने गांव की छवि को सुधारने के लिए गंभीर हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन उनकी इस मांग का कैसे जवाब देता है, और क्या इस समुदाय को अपनी पहचान को नया रूप देने का मौका मिलेगा।

