सुकमा, छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आई है जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने छह जगहों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में पूर्व विधायक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता मनीष कुंजाम सहित कई प्रबंधक शामिल हैं। यह छापे तेंदूपत्ता बोनस मामले से संबंधित हैं, जो सुकमा जिले में एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है।
सुबह 6 बजे से शुरू हुई यह छापेमारी सुकमा जिले के कोंटा, एर्राबोर और पलाचलमा क्षेत्रों में प्रबंधकों के ठिकानों पर की गई है। ACB और EOW की आठ से दस अधिकारी, स्थानीय पुलिस बल के साथ, कार्रवाई में शामिल हैं। इस छापेमारी को सुकमा जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
विभिन्न स्थानों पर की गई इस छापेमारी के पीछे मुख्य कारण तेंदूपत्ता बोनस का मामला है, जिसे लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी मुद्दे के कारण डीएफओ अशोक पटेल को निलंबित किया गया था। छापेमारी में जांच टीम ने मनीष कुंजाम के आवास सहित अन्य प्रबंधकों के घरों पर दबिश दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसीबी और EOW टीम ने एक साथ मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई। ये अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं कि तेंदूपत्ता बोनस से संबंधित गड़बड़ियों की तह तक पहुंचा जा सके और दोषियों को सजा मिले। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच केवल तेंदूपत्ता बोनस तक सीमित नहीं होगी, बल्कि व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार की जांच की जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस छापेमारी का व्यापक असर हो सकता है, क्योंकि यह कार्रवाई एक पूर्व विधायक और किसी प्रमुख राजनीतिक पार्टी से संबंधित लोगों पर की जा रही है। ACB और EOW की टीम सभी प्राप्त सबूतों की जाँच कर रही हैं और आवश्यक कार्यवाही को आगे बढ़ाने की तैयारियाँ कर रही हैं। सभी अवैध गतिविधियों को बेनकाब करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, सुकमा में चल रही यह छापेमारी तेंदूपत्ता बोनस मामले में भ्रष्टाचार को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना है।

