खडूर साहिब (पंजाब) से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां थाना श्री गोइंदवाल साहिब के सब इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना गांव कोट मोहम्मद खां में हुई, जब सब इंस्पेक्टर विवाद निपटाने के लिए पहुंचा था। इस दौरान आरोपियों ने उनके ही रिवाल्वर से उन्हें गोली मारी, जिसके बाद एसआई गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, एएसआई जसबीर सिंह की भी पिटाई की गई, जिससे उनकी बाजू टूट गई।
यह मामला पिछले कई दिनों से चल रहे एक विवाद से जुड़ा हुआ है। गांव के सरपंच कुलदीप सिंह और अर्शदीप सिंह के बीच विवाद पिछले दस दिनों से जारी था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे, और दूसरी पार्टी ने सरपंच समेत अन्य लोगों के खिलाफ थाना श्री गोइंदवाल साहिब में शिकायत की थी, परंतु इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
बुधवार की सुबह, दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिसके बाद शाम को विवाद निपटाने के लिए वक्त तय हुआ। लेकिन सरपंच गुट की ओर से गुंडागर्दी की घटना को अंजाम दिया गया, जिसके बाद विपक्षी पार्टी ने पुलिस हेल्पलाइन पर शिकायत की। शाम को लगभग साढ़े आठ बजे, सब इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह और एएसआई जसबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी गांव में पहुंची।
घटनास्थल पर, जब सब इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह ने आरोपियों को शांत करने के लिए कहा, तो उन्होंने उनका रिवाल्वर छीन लिया और उन्हें तीन गोलियां मार दी। गोली लगने के बाद सब इंस्पेक्टर गंभीर घायल हो गए और उन्हें स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इस पूरी घटना के दौरान, थाना प्रभारी और डीएसपी भी मौजूद थे, लेकिन गोलियों की आवाज सुनकर वे पीछे हट गए। यह घटना पुलिस प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है।
एसपी (आई) अजयराज सिंह ने बताया कि सरपंच कुलदीप सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाया जा सके।
इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और स्थानीय निवासियों में पुलिस सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और स्थिति का ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने की मांग की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस प्रकार की गुंडागर्दी और हिंसा की घटनाएं प्रशासन के लिए एक गंभीर विषय बन गई हैं, जिसे रोकने की आवश्यकता है।

