बीजापुर, छत्तीसगढ़ – हाल ही में बीजापुर जिले के माड़ इलाके के नेशनल पार्क में नक्सलियों के साथ जारी मुठभेड़ ने सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच तनाव को एक बार फिर से उजागर किया है। शांति वार्ता के प्रयासों के बावजूद, सुबह से ही चल रही इस भीषण गोलाबारी में अब तक तीन नक्सलियों को मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। इस लड़ाई में DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और STF (स्पेशल टास्क फोर्स) के जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं और गोलीबारी का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे मारे गए नक्सलियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है।
पिछली मुठभेड़ की याद
इससे पहले, 2 अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में भी नक्सलियों एवं सुरक्षा बलों के बीच एक मुठभेड़ हुई थी। उस मुठभेड़ में तीन जवान घायल हुए थे, जब वे एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत सर्चिंग पर निकले थे। घायल जवानों में से एक एसटीएफ के आरक्षक संत कुमार कोमरे को दाहिने हाथ में चोट लगी थी, जबकि बस्तर फाइटर महेश गटपल्ली को सामान्य चोटें आई थीं। अधिकारियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दंतेवाड़ा और फिर बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया।
सुरक्षा बलों की स्थिति
बीजापुर जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशनों ने सुरक्षा बलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बना दिया है। इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने साहसिकता और तेज रणनीति का प्रदर्शन किया है, जो न केवल आतंकवादियों के खिलाफ बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए भी एक सुरक्षा कवच प्रस्तुत करता है।

