भाटापारा – छत्तीसगढ़ के भाटापारा में सिविल अस्पताल के ब्लड स्टोरेज सेंटर की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। महीनों से बंद पड़े इस सेंटर ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को फिर से उजागर किया है, जिससे मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
खराब स्थिति का सच
ब्लड स्टोरेज सेंटर में आवश्यक मशीनें कबाड़ की तरह धूल भरी स्थिति में पड़ी हैं। पिछले कई महीनों से सेंटर में कोई कामकाज नहीं हो रहा है, जिसके कारण मरीजों को समय पर रक्त की आवश्यकता पूरी नहीं की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सेंटर का लाइसेंस कई महीनों पहले समाप्त हो चुका है, लेकिन इसे नवीनीकरण की प्रक्रिया अभी तक संपन्न नहीं की जा सकी है।
आपातकाल में परेशानी
हाल ही में एक आपातकालीन स्थिति में खून की आवश्यकता पड़ी थी, लेकिन बंद सेंटर ने अस्पताल स्टाफ और मरीज के परिजनों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर दी। ऐसे समय में जब रक्त की आवश्यकता होती है, सेंटर की निष्क्रियता ने सबको असहाय बना दिया।
स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी
जब मीडिया की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने की कोशिश की, तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सेंटर का दरवाजा खोलने और तस्वीरें लेने से इनकार कर दिया। ऐसा लगता है कि वे इस स्थिति को लेकर खुद भी असहज हैं।
बीएमओ का बयान
भाटापारा के बीएमओ डॉ. राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि जब से उन्होंने 2022 में पदभार ग्रहण किया, तब से यह मशीन बंद है। जांच के दौरान मशीन को डिस्मेंटल लायक बताया गया है और नए मशीन की मांग के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
स्थानीय नागरिकों का आक्रोश
स्थानीय निवासी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ब्लड स्टोरेज सेंटर को आपात स्थिति में रक्त उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन अब यह केवल बंद कमरों और जर्जर मशीनों तक सीमित रह गया है। इसके परिणामस्वरूप मरीज अब निजी अस्पतालों या रायपुर जैसे बड़े शहरों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे समय और धन की बर्बादी हो रही है।
प्रशासन की नींद कब खुलेगी?
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के घटना का इंतजार कर रहा है? क्या मरीजों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि लाइसेंस के नवीनीकरण जैसी बुनियादी प्रक्रिया को महीनों तक अनदेखा किया जा रहा है? अगर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने इस मुद्दे पर जल्द ही गंभीरता नहीं दिखाई, तो यह चुप्पी एक दिन बहुत बड़ी कीमत चुकाने का कारण बन सकती है।
भाटापारा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को सुधारने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि मरीजों को समय पर और गुणवत्ता वाली सेवाएं मिल सकें।

