तहव्वुर राणा – 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार, 11 अप्रैल को 3 घंटे की पूछताछ की। इस दौरान किए गए आठ सवालों के जवाब में राणा ने केवल एक ही वाक्य दोहराया: “याद नहीं” या “पता नहीं”।
पूछताछ में पूछे गए सवाल
NIA ने राणा से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनमें शामिल थे:
- भारत कब और कैसे आए?
- उत्तर: “याद नहीं।”
- भारत में कहाँ-कहाँ रुके?
- उत्तर: “याद नहीं।”
- किस-किस से मिले?
- उत्तर: “पता नहीं।”
- मुंबई कब और कैसे आए?
- उत्तर: “याद नहीं।”
- हेडली से कब मुलाकात हुई?
- उत्तर: “पता नहीं।”
- परिवार में कौन-कौन है?
- उत्तर: “याद नहीं।”
- परिवार कहाँ रहता है?
- उत्तर: “पता नहीं।”
इस तरह की लापरवाहियों ने NIA के अधिकारियों को और भी अधिक आग्रह के साथ पूछताछ जारी रखने के लिए प्रेरित किया है।
राणा और हेडली के बीच संपर्क
सूत्रों के अनुसार, राणा और हेडली के बीच 231 बार फोन पर बातचीत हुई थी। NIA अब इस बातचीत के मद्देनजर पूछताछ करेगी कि इन दोनो के बीच क्या योजनाएं बनी थीं और क्या इनपुट साझा किए गए थे।
राणा की स्थिति
राणा को दिल्ली में NIA के हेड क्वार्टर में रखा गया है, और उसे 18 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। राणा पर नजर रखने के लिए 12 लोगों का ही आना-जाना है, और उसे बेहद कड़ी निगरानी में रखा गया है।
आगे की पूछताछ
NIA अब राणा से 26/11 हमले से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करेगी, जिसमें:
- स्लीपर सेल्स की जानकारी
- हाफिज सईद और अब्दुल रहमान लकवी से मुलकातें
- हमले का असली मकसद और मुख्य लक्ष्य
- पाकिस्तान सेना से निर्देश मिलने की जानकारी
- हमलावरों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट करने वाले लोगों से मुलाकातें
तहव्वुर राणा का परिचय
तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था। वह पाकिस्तान आर्मी में एक डॉक्टर रह चुके हैं, और 1997 में कनाडा चले गए। आज वह कनाडा के नागरिक हैं और ISI तथा लश्कर-ए-तैयबा के साथ जुड़े हुए हैं। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमले में राणा का नाम भी शामिल है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे।
इस पूरे मामले में NIA की कार्रवाई से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी आतंकवाद के इस जटिल मामले में और गहराई से जाकर सच्चाई का पर्दाफाश करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

