रायपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस नृशंस हमले में 26 लोगों की जान गई, जिनमें रायपुर के जाने-माने स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया भी शामिल हैं। मिरानिया परिवार अपने वैवाहिक जीवन की सालगिरह मनाने के लिए कश्मीर गया था, लेकिन उनकी यह खुशी का सफर त्रासदी में बदल गया।
घटना के समय दिनेश अपनी पत्नी नेहा मिरानिया, बेटे शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ पहलगाम में मौजूद थे। आतंकियों ने जब हमला किया, तब पूरा परिवार एक ही जगह पर था। आतंकियों ने दिनेश को परिवार के सामने गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान पत्नी नेहा के चेहरे पर बारूद के छींटे लगे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं, वहीं बच्चे भी घायल हुए हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दिनेश मिरानिया रायपुर की समता कॉलोनी में रहते थे और चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका बेटा शौर्य बेंगलुरु में 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी लक्षिता रायपुर में 9वीं की छात्रा है। परिवार मूलतः ओडिशा का रहने वाला है, लेकिन कई साल पहले रायपुर में बस गया था।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य देर रात जम्मू के लिए रवाना हो गए। आज दिनेश मिरानिया का पार्थिव शरीर रायपुर लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है और परिवार गहरे सदमे में है।
सरकार का सहयोग
मंत्री टंकराम वर्मा ने मृतक के निवास पर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया और केंद्र सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। जम्मू-कश्मीर सरकार ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 2 लाख रुपये और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस हृदयविदारक घटना ने एक सामान्य खुशहाल परिवार की जिंदगी पलभर में तबाह कर दी। यह हमला न सिर्फ एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति है, बल्कि यह पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी चुनौतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

