रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर जैसे जिलों में चिलचिलाती धूप और शुष्क हवाओं से हालात और गंभीर हो गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक तापमान में कोई विशेष गिरावट की संभावना नहीं है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 11 जिलों में लू का असर अधिक रहेगा। वहीं बस्तर संभाग में आंशिक राहत के आसार हैं, जहां गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
मजदूर की लू से मौत
प्रदेश में गर्मी ने अब जान लेना शुरू कर दिया है। बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर एक मजदूर की लू से मौत हो गई। वह मिर्ची तोड़ने के लिए तेलंगाना गया था, जहां तेज गर्मी के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। यह घटना गर्मी के खतरे को और गंभीर बनाती है।
रायपुर में जनजीवन प्रभावित
राजधानी रायपुर में दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जीई रोड, जहां आमतौर पर दिनभर ट्रैफिक लगा रहता है, वहां भी गाड़ियां गिनी-चुनी नजर आईं। लोग छतरी, टोपी और मुंह ढककर ही घरों से निकल रहे हैं। गर्मी के कारण बाजारों और गली-मोहल्लों में भी भीड़ कम हो गई है।
स्कूलों को 15 जून तक बंद करने के आदेश
गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 25 अप्रैल से 15 जून 2025 तक सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगा। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पशुओं के लिए राहत
गर्मी से पशुओं को राहत देने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने दोपहर 12 से 3 बजे तक पशुओं के भार ढोने और सवारी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश 21 अप्रैल से 30 जून तक प्रभावी रहेगा।
छत्तीसगढ़ में फिलहाल गर्मी से राहत के कोई आसार नहीं हैं। ऐसे में जनता से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

