गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्थित पीएमश्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, मरवाही में कार्यरत संविदा सहायक शिक्षक (विज्ञान) युगल किशोर दिनकर को छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने पर शासकीय सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कलेक्टर के अनुमोदन पर जारी आदेश के तहत की गई है।
मामले की शुरुआत 19 अप्रैल 2025 को उस समय हुई, जब एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल ने विद्यालय की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की खबर प्रसारित की। इस समाचार के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा पुष्टि की गई कि युगल किशोर दिनकर के विरुद्ध थाना मरवाही में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गंभीर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जांच के दौरान आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षक द्वारा किया गया कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है, जो शासकीय सेवकों से नैतिक आचरण और गरिमा की अपेक्षा करता है। इसी कारण, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा भर्ती) नियम 2012 के अंतर्गत उन्हें तुरंत शासकीय सेवा से पदच्युत कर दिया गया।
यह घटना शिक्षा प्रणाली में नैतिकता और सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े करती है। स्कूल जैसे पवित्र संस्थान में इस प्रकार की शर्मनाक घटना ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता की लहर फैला दी है। प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई इस प्रकार के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति का संकेत देती है, साथ ही यह भी दर्शाती है कि किसी भी स्थिति में छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और पीड़िता को उचित सहायता व संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह मामला पूरे प्रदेश में एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि ऐसे अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

