राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें एक 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने मेडिसीन विभाग के दो डॉक्टरों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो दोनों डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
घटना 16 जुलाई की रात की है, जब अंबागढ़ चौकी क्षेत्र के करमतरा गांव निवासी हेमलता पिता हेमूलाल सिन्हा को रात लगभग 11 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवती को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। तत्कालीन ड्यूटी पर मौजूद इंटर्न डॉक्टर धनेश्वरी बरिहा और ईशा साहू ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और मरीज की हालत की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित किया।
इंटर्न डॉक्टरों की लिखित रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीज को देखने के लिए संबंधित डॉक्टरों — सीनियर रेसिडेंट डॉ. चेतन लाल साहू और जूनियर रेसिडेंट डॉ. पराग मेश्राम — को सूचना दी गई थी, लेकिन न तो डॉ. मेश्राम मरीज को देखने आए और न ही डॉ. साहू ने फोन उठाया। इसके चलते मरीज को समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अंततः 17 जुलाई की सुबह 8:15 बजे युवती की मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन ने यह भी पाया कि मरीज के केस पेपर में किसी प्रकार के क्लिनिकल नोट्स दर्ज नहीं किए गए थे, जो कि डॉक्टरों के कर्तव्य में लापरवाही का स्पष्ट संकेत है। यह गंभीर नैतिक और व्यावसायिक चूक मानी गई है।
मरीज की मृत्यु के बाद परिजन अस्पताल परिसर में आक्रोशित हो गए और उन्होंने गाली-गलौज एवं हंगामा किया। इससे ड्यूटी पर मौजूद इंटर्न डॉक्टर भयभीत हो गए। यह घटना मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

