बालोद, छत्तीसगढ़ — जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मोबाइल गेम फ्री फायर खेलने के दौरान दो नाबालिगों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गुरुर थाना क्षेत्र के कवर चौकी अंतर्गत ग्राम पेरपार में यह घटना तब हुई जब एक 14 वर्षीय लड़के ने 17 वर्षीय नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल नाबालिग की हालत गंभीर है और उसका रायपुर के संकरा हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना ग्राम पंचायत कार्यालय पेरपार के सामने हुई, जहां कुछ लोग खाना खाने के बाद मोबाइल गेम खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों नाबालिग भी खेल में शामिल थे। खेलते-खेलते 14 वर्षीय बालक अचानक हंस पड़ा। इस पर 17 वर्षीय बालक ने उससे पूछा कि वह क्यों हंस रहा है। जवाब में 14 वर्षीय बालक ने चुप रहने की नसीहत देते हुए धमकी दी कि “नहीं तो मार दूंगा।” इस बात पर दोनों में कहासुनी हो गई और माहौल गरमा गया।
गुस्से में आकर 14 वर्षीय आरोपी ने पास में रखा चाकू उठाया और 17 वर्षीय बालक पर हमला कर दिया। वार इतना तेज था कि घायल नाबालिग को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में रायपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही गुरुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने हमलावर नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह, दुर्ग भेज दिया है। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल गेम्स, विशेषकर फ्री फायर और PUBG जैसी हिंसक खेलों का बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनके व्यवहार में आक्रामकता बढ़ रही है। ऐसे मामलों में मामूली विवाद भी गंभीर हिंसा में बदल सकता है।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की मोबाइल उपयोग की आदतों पर नजर रखें और उन्हें हिंसक ऑनलाइन गेम्स से दूर रखने का प्रयास करें। साथ ही, बच्चों को आपसी संवाद और मतभेद सुलझाने के शांतिपूर्ण तरीकों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है।

