खैरागढ़ शहर गुरुवार सुबह अचानक सनसनी से भर उठा, जब जय स्तंभ चौक स्थित आशीष लॉज के कमरे से 27 वर्षीय युवक का शव फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान रायपुर के सीतानगर वार्ड क्रमांक 3 निवासी करण पाल (पिता डोमन पाल) के रूप में की गई है। यह घटना न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए चौंकाने वाली साबित हुई बल्कि पुलिस के लिए भी कई सवाल खड़े कर गई।
जानकारी के अनुसार, करण पाल ने 30 अगस्त को लॉज के कमरे नंबर 306 को बुक कराया था। उसने मैनेजर को बताया था कि वह घूमने आया है। इसके बाद 1 सितंबर को आखिरी बार उसे कमरे से बाहर जाते हुए देखा गया। इसके बाद से कमरा लगातार बंद रहा। बुधवार रात जब मैनेजर ने दरवाजा खटखटाया तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। गुरुवार सुबह कर्मचारियों ने जब दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो बाथरूम में युवक का शव चादर से फंदे पर लटका मिला।
सबसे बड़ी रहस्यमयी बात यह रही कि कमरे से मृतक का कोई भी निजी सामान बरामद नहीं हुआ। न बैग, न कपड़े और न ही कोई पहचान पत्र पुलिस को मिला। केवल एक पुराना कीपैड मोबाइल मिला है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर युवक बिना किसी सामान के लॉज में क्यों ठहरा और उसके सामान का क्या हुआ। क्या किसी ने जानबूझकर कमरे से उसके निजी सामान को गायब किया है या फिर युवक खुद किसी रहस्यमय परिस्थिति में यहां आया था?
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कमरे को सील कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत होता है, लेकिन हत्या या किसी गहरी साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इस दिशा में मृतक की कॉल डिटेल और पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच की जा रही है।
स्थानीय लोग भी घटना से सकते में हैं। उनका कहना है कि युवक की मौत के पीछे कई परतें छिपी हो सकती हैं। कहीं यह मामला प्रेम प्रसंग या किसी आर्थिक विवाद से जुड़ा तो नहीं? या फिर किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का शिकार तो नहीं हुआ?
इस रहस्यमयी मौत ने पूरे खैरागढ़ में सनसनी फैला दी है। पुलिस की जांच से ही साफ हो पाएगा कि यह घटना महज आत्महत्या है या फिर इसके पीछे कोई गहरा राज और साज़िश छिपी हुई है।

