बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को घर दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। भाजपा नेत्री सपना सराफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने दो महिलाओं से पीएम आवास दिलवाने के नाम पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपये ऐंठे। यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है और पीड़ित महिलाओं ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की थी। इसके बाद जांच पूरी कर नगर निगम के क्लर्क सौरभ तिवारी ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, उमा साहू और संतोषी विश्वकर्मा नामक महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना घर बनवाने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल के जनदर्शन में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि सपना सराफ ने उन्हें पीएम आवास दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन लंबे समय से उनके आवेदन में कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। साथ ही, आरोप है कि सपना सराफ ने दोनों महिलाओं से कुल 3 लाख 40 हजार रुपये ऐंठ लिए। इसके साथ ही फर्जी रसीद भी थमा दी गई थी, जिसे निगम कार्यालय में जांच के दौरान प्रमाणित किया गया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद निगम कमिश्नर की देखरेख में जांच कराई गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि सपना सराफ ने महिलाओं को ठगने के लिए फर्जी दस्तावेज और रसीदें बनाकर उन्हें विश्वास में लिया था। निगम में पदस्थ क्लर्क सौरभ तिवारी की मदद से इस मामले की पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सपना सराफ को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (ठगी), 467 (फर्जी दस्तावेज बनाना), 468 (ठगी के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज बनाना), और 471 (फर्जी दस्तावेज का प्रयोग) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल, सपना सराफ के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और आगे की जांच में उसके अन्य सहयोगियों तथा ठगी के तरीकों की भी पड़ताल की जा रही है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी धोखाधड़ी का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि गरीब नागरिकों को योजना का लाभ दिलाने में कई बार भ्रष्टाचार और गलत तरीके का इस्तेमाल हो रहा है। प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाकर सपना सराफ को गिरफ्तार कर मामले की गंभीरता को दिखाया गया है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया जा सके।

