ऋण के बदले जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप, आदिवासी महिला ने चार लोगों के खिलाफ जांच की मांग की
रायगढ़। एक आदिवासी महिला ने ऋण की रकम के बदले उसकी जमीन हड़पने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। ग्राम नवापाली निवासी श्रीमती सरस्वती सिदार ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में हलधर चौधरी, नरोत्तम चौहान, गिरधारी पटेल एवं राजेश देवांगन के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, प्रार्थिया ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व निजी आवश्यकता के लिए 1.50 लाख रुपये की राशि उधार ली थी। उस समय संबंधित भूमि उसके चाचा के साथ संयुक्त रूप से राजस्व अभिलेख में दर्ज थी। महिला का आरोप है कि ऋण की राशि के बदले उसकी ऋण पुस्तिका अमानत के रूप में रख ली गई थी।
प्रार्थिया के मुताबिक, बाद में जब उसने राजस्व अभिलेख में अपना नाम दर्ज होने की जानकारी लेने के लिए नकल प्राप्त की, तब उसे कथित रूप से पता चला कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना कोरे स्टाम्प पर हस्ताक्षर अथवा दस्तावेज का दुरुपयोग कर जमीन संबंधी प्रक्रिया को राजस्व अभिलेख एवं रजिस्ट्री पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
महिला का आरोप है कि उसने जमीन बेचने की कोई सहमति नहीं दी है और न ही विक्रय के लिए कोई वैध दस्तावेज उसके द्वारा स्वेच्छा से तैयार किया गया। उसका कहना है कि वह उधारी की पूरी राशि संबंधित पक्ष को लौटाने के लिए तैयार है और अपनी ऋण पुस्तिका वापस चाहती है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब वह अपनी उधारी की रकम लेकर ऋण पुस्तिका वापस लेने जाती है, तब उसके साथ कथित तौर पर जातिसूचक गाली-गलौज की जाती है तथा ऋण पुस्तिका वापस नहीं करने की धमकी दी जाती है। इससे महिला ने भयभीत होने की बात कही है।
सरस्वती सिदार ने आवेदन में आरोप लगाया है कि उसकी अशिक्षित एवं आदिवासी होने की स्थिति का फायदा उठाकर जमीन को कम कीमत में हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। उसने पुलिस से पूरे मामले की दस्तावेजी जांच कराने, संबंधित राजस्व एवं रजिस्ट्री अभिलेखों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थिया ने दिनांक 28 सितंबर 2026 को शिकायत प्रस्तुत की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


