जांजगीर. इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में पूरक आए व फेल हुए विद्यार्थियों को पूरक व अवसर परीक्षा दिलाने दूसरे स्कूलों में जाना नहीं पड़ेगा। बोर्ड ने कोरोना को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए उसी स्कूल को केंद्र बनाने का निर्णय लिया है, जहां विद्यार्थी पढ़ाई करते रहे हैं। इसे लेकर जिले के अधिकारी भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे थे, लेकिन दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए बोर्ड के सचिव वीके गोयल ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र वही स्कूल होंगे, जहां विद्यार्थी पढ़ते रहे हैं। जिले में इस वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी बोर्ड की परीक्षा में सप्लीमेंट्री व फेल भी हुए हैं। कोरोना के कारण बोर्ड अभी तक परीक्षाओं का आयोजन नहीं कर पाया है, पूर्व मेें माना जा रहा था कि ओपन स्कूल की परीक्षा की तरह असाइनमेंट सिस्टम से परीक्षा ली जा सकती है, पर हाल ही में बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि पूरक व अवसर परीक्षा आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों को स्कूलों में बैठकर परीक्षा देना होगा। बोर्ड ने गाइडलाइन में कहा था कि विद्यार्थी स्कूलों में ही परीक्षा दिलाएंगे, पर इसे आदेश के बाद भी असमंजस की स्थिति थी कि क्या सभी स्कूलों को सेंटर बना दिया जाएगा। इसको लेकर समन्वयक संस्था के प्राचार्य बता रहे थे कि उन केंद्रों में परीक्षा हो सकती है, जहां विद्यार्थी ने बोर्ड की परीक्षा दी थी। डीईओ भी स्पष्ट रूप से कुछ बता नहीं पा रहे थे, लेकिन बोर्ड के सचिव ने इसे स्पष्ट कर दिया है।
पहले पालक को देना होगा सहमति पत्र
पूरक व बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के पालकों को इस बात की सहमति भी देनी होगी कि वे पालकों को पूरक या अवसर परीक्षा में बिठाना चाहते हैं। ऑनलाइन फार्म खोलते ही एक साइड एक ऑप्शन होगा, जिसमेें सहमति देनी होगी।
31 अक्टूबर तक भर सकेंगे परीक्षा फार्म
माशिमं ने ऐसे विद्यार्थियों को फार्म भरने के लिए समय दे दिया है। 24 अक्टूबर से फार्म भराए जा रहे हैं, 31 तक संबंधित विद्यार्थी स्कूल या फिर कंप्यूटर सेंटर में फार्म भर सकते हैं। बोर्ड ने एक पेपर के लिए 240, दो पेपर के लिए 280 रुपए फीस तय किया है।
अपने ही स्कूल में देंगे परीक्षा: सचिव गोयल
“कोरोना के कारण बोर्ड के पूरक अथवा अवसर परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए उसी स्कूल को केंद्र बनाया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी पढ़ाई करते रहे हैं। इससे सोशल डिस्टेंस का भी पालन होगा तथा परीक्षार्थियों को दूर भी नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि लगभग आधा से एक किलोमीटर के अंदर ही सभी स्कूल हैं। बोर्ड इसकी तैयारी में जुटा है।”
-वीके गोयल, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर

