रायगढ़. निगम ने जिंदल को 39 करोड़ रुपए संपत्तिकर भुगतान करने के लिए नोटिस भेजा था। इस पर कंपनी ने तीन करोड़ रुपए का चेक निगम को सौंप दिया है। इस राशि से निगम पहले स्वच्छता कार्य में जुटी महिलाएं और प्लेसमेंट कर्मियों को अक्टूबर माह का वेतन भुगतान करेगा। शनिवार को भी निगम और जिंदल के अफसरों के बीच बैठक हुई। इस बैठक में निगम शेष राशि का भुगतान जल्द से जल्द करने का दबाव बनाएगा। यदि बात नहीं बनी तो मामले में कलेक्टर के समक्ष भी बैठक रखी जाएगी। फिलहाल निगम तीन करोड़ रुपए मिलने के बाद दिवाली पूर्व कर्मचारियों व अन्य देनदारियों का भुगतान करने की बात कह रहा है। शहर में भी निगम ने एक लाख से ऊपर के सभी बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर दूसरा नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। पहले तात्कालीन राजस्व प्रभारी ने नोटिस जारीकर बकाया वसूली के लिए दबाव बनाया था। इसमें अधिकांश लोगों ने अब तक भुगतान नहीं किया है। निगम अब दूसरे नोटिस के बाद भी बकाया भुगतान नहीं करने पर संपत्ति कुर्क करने वारंट जारी करने की बात कह रहा है। हालांकि शुक्रवार को तीन करोड़ का चेक मिलने से थोड़ी राहत निगम को मिली है।
डेढ़ करोड़ रुपए प्रति महीने वेतन पर खर्च
निगम में अभी 225 नियमित कर्मचारी कार्यरत है। इसके अलावा 330 प्लेसमेंट कर्मचारी और 280 स्वच्छता कार्य में जुटी महिलाएं व अन्य कर्मचारी शामिल है। इन पर वेतन भुगतान के लिए नगर निगम में प्रतिमाह एक करोड़ 50 लाख रुपए तक खर्च होते हैं। इसमें 225 नियमित कर्मचारियों को करीब 65 लाख रुपए तक का वेतन भुगतान किया जाता है।
स्वच्छता कर्मियों को वेतन पहले देंगे
“जिंदल ने निगम को तीन करोड़ रुपए का चेक दिया है। कल तक पैसे निगम के एकाउंट में क्रेडिट भी हो जाएगा। इस राशि से पहले निगम के स्वच्छता व प्लेसमेंट कर्मचारियों को वेतन करेंगे। पैसे बचे तो फिर दूसरी प्राथमिकता हमारी नियमित कर्मचारी होंगे।”
-आशुतोष पांडेय, आयुक्त, नगर निगम रायगढ़

