बिलासपुर. अरपा भैंसाझार नहर परियोजना के लिए भू-अर्जन के दौरान शासन की आदर्श पुनर्वास नीति का पालन नहीं किया गया। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई थी। कोर्ट ने कलेक्टर बिलासपुर को मामले का निराकरण तीन माह का समय दिया था। कोट के आदेश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर हुई। हालांकि सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कलेक्टर के आदेश को चुनौती देने की स्वतंत्रता की मांग करते हुए अवमानना याचिका को वापस ले लिया है। बिल्हा के पेंड्रीडीह निवासी राम प्रसाद व महेतरू ने अधिवक्ता कमल किशोर पटेल के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। इसमें बताया कि उनकी जमीन का भू-अर्जन किए जाने की कार्रवाई की गई है। इसमें मिलने वाला मुआवजा राशि पुनर्वास अनुदान अधिसूचना 4 जनवरी 2017 के आधार पर नहीं दिया गया है। पेंड्रीहीह स्थित 37 खातादारों की कुल 6.448 हेक्टर भूमि का भू-अर्जन अरपा भैंसाझार बैराज परियोजना के तहत नहर निर्माण के लिए किया गया है।

