सहसपुर लोहारा. ब्लॉक अंतर्गत सुरजपुरा जंगल के आश्रित गांव पेंड्रीतराई में शुक्रवार देर रात करीब 9 बजे 200 के आसपास मवेशी अचानक बीमार हो गए। इनमें से एक बैल ने रात के समय ही दम तोड़ दिया। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम शुक्रवार रात से लेकर रविवार तक गांव में रुकी हुई है। सहसपुर लोहारा ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.अशोक वाचकर ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है। ज्यादातर मवेशी ठीक हो गए है। वहीं पूरे मवेशी काे ठीक होने में दो से चार दिन और लगेंगे। सभी मवेशी खतरे से बाहर है। वहीं शुक्रवार को मृत हुए एक मवेशी का पीएम किया गया। लेकिन शॉर्ट पीएम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस कारण सैंपल लेकर उच्च स्तरीय जांच के लिए रायपुर व दुर्ग के कामधेनु विवि भेजा जाएगा। शुरुआती जांच में यहीं पता चला है कि ये मवेशी कोदो खाने से बीमार हुए है। इस कारण पशु चिकित्सा विभाग ने कोदो के सैंपल को कामधेनु विवि भेजने की तैयारी है। ताकि पीएम व कोदो के कारण बीमार हुए मवेशियों का कारण स्पष्ट हो सके।
विभागों में मतभेद-कृषि विभाग की टीम नहीं पहुंची 200 मवेशियों का एक साथ बीमार होने से पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया था। दूसरे दिन शनिवार काे कवर्धा से भी डॉक्टरों की टीम मौके पर भेजी गई थी। लेकिन इस गंभीर मामले को लेकर दो विभागों में मतभेद सामने आया है। शुरुआती जांच में जिस कोदो के खाने के कारण बीमार होने बात कहीं जा रही। उसी कोदो का सैंपल कृषि विभाग ने नहीं लिया है। बीते साल नवंबर में ग्राम गगरिया-खम्हरिया में कृषि विभाग ने कोदो का सैंपल रायपुर भेजा ।
गौठान के चरवाहों को जागरूकता की जरुरत
प्रशासन के लिए राहत की बात रही कि ज्यादा मवेशी की मौत नहीं हुई। पेंड्रीतराई गांव में सरकारी गौठान है। इस गौठान के जाने के बाद पशु बीमार हुए। पूरे मामले में चरवाहा को भी जागरूक होना होगा। क्योंकि चरवाहा के देखरेख में ही मवेशी चरने जाते है। कोदो खाने से पहले इन मवेशियों को नहीं रोका गया। इस कारण 200 मवेशी बीमार हो गए। वर्तमान में जिले के ज्यादातर गौठानों में चरवाहा रखे हैं। इन चरवाहों को पशुओं के संबंध में जागरूक करने की जरूरत है।

