रायगढ़. अब एक 5 हेक्टेयर में डेढ़ लाख तक पौधे तैयार करेगा विभाग, निजी नर्सरी पर निर्भरता होगी समाप्त
वन विभाग अब शहर के नजदीक भेलवाटिकरा में सेंट्रल नर्सरी तैयार कर रहा है। विभाग ने मौके का नापजोख करने के बाद नर्सरी का काम भी शुरू करा दिया है। काम पूरा होने के बाद डिवीजन के लिए बारिश से पहले विभाग बल्क में पौधे यहां तैयार कर सकेगा। इस नर्सरी में विभाग अधिकतम डेढ़ से दो लाख तक पौधे तैयार कर सकता है। इससे विभाग की निजी नर्सरियों पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। पूरे वन मंडल में विभाग के पास 12 नर्सरी है, यहां हर साल एक से डेढ़ लाख तक पौधे तैयार किए जाते हैं। इस साल इनमें 13 लाख पौधे तैयार कराए गए थे, जो कि तय लक्ष्य से कम थे। ऐसे में विभाग ने रायगढ़ डिवीजन के नजदीक एक और नर्सरी तैयार करने भेलवाटिकरा का चयन किया है। यहां विभाग फलदार पौधे जैसे इमली, नीबू, जामुन, मुनगा समेत दर्जनभर से अधिक तरह के पौधे तैयार करेगा। यहां पौधों की देखरेख, खाद, मिट्टी और चौकीदार जैसे कार्यों के लिए वन प्रबंधन व एफआरए समिति के सदस्यों रोजगार मुहैया कराई जाएगी।
पहले सीजन में डेढ़ लाख पौधे तैयार करने का लक्ष्य
पहले सीजन में इस सेंट्रल नर्सरी को डेढ़ लाख पौधों का लक्ष्य मिला है। यहां गर्मी में डेढ़ लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। यह पौधे जुलाई में चयनित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। शेष पौधे शहरवासियों व विभिन्न विभागों को भी दिया जाएगा। ताकि पौध रोपण का कार्य सतत जारी रहे।
पौधों की सिंचाई के लिए डैम के पानी का उपयोग
भेलवाटिकरा स्थित जिस जगह का चयन विभाग के अफसरों ने किया है। वहां से थोड़ी दूर में डैम है, यहां जमा पानी की मदद से विभाग बिना अतिरिक्त खर्च के पौधों की सिंचाई कर सकेगा। विभाग थोड़े में काम पूरा कर यहां नए सीजन के लिए पौधों की तैयारी करेगा।
मनरेगा के तहत होगा पूरा काम
ठमनरेगा के तहत नर्सरी तैयारी की जा रही है। एफआरए समिति के माध्यम से नर्सरी का संचालन किया जाएगा। पहले साल डेढ़ लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। हरियाली प्रसार योजना, रामवनगमन पथ व अन्य पौधरोपण व वितरण के लिए इसी नर्सरी में पौधे अब तैयार होंगे।”
-एआर बंजारे, प्रभारी डीएफओ रायगढ़

