नई समितियों के गठन और धान खरीदी केंद्रों के शुरू होने से बढ़ी किसानों की समस्या
जांजगीर. प्रदेश में धान खरीदी शुरू हो गई है, लेकिन जिले के आधा दर्जन खरीदी केंद्रों में दूसरे दिन भी कुछ गांवों के किसानों को टोकन तक नहीं मिला। इन गांवों के किसानों को भटकना पड़ रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन समितियों के किसानों के नाम की लिस्ट, पूर्व में जिन खरीदी केंद्रों में धान बेचते थे वहां से अभी नए केंद्र में अपडेट नहीं हो पाई है। वैसे तो धान खरीदी की सभी तैयारियों का दावा किया है, लेकिन न ताे ग्राउंड लेबल पर तैयारियां अभी तक हो पाई हैं न ही टेक्निकल समस्याओं का समाधान हो पाया है। इसका खामियाजा किसानों को भोगना पड़ रहा है। डोंगाकोहरौद, बनारी, चिस्दा, दतौद, नगरदा सहित आधा दर्जन गांव ऐसे हैं, कि इन गांवों में खरीदी केंद्र तो बना दिया गया पर किसानों की सूची नए खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंच सकी। जिसके कारण किसान दूसरे दिन भी धान नहीं बेच सके। डोंगाकाेहरौद के किसान देवकुमार पांडेय ने बताया कि पूर्व में भिलौनी समिति थी, पर खरीदी की व्यवस्था डोंगाकेाहरौद में भी थी। भिलौनी से समिति अलग होने के बाद डोंगाकोहरौद को अलग किया है, पर किसानों का रिकॉर्ड कंप्यूटर में समिति में शिफ्ट नहीं किया है, जिससे डोंगाकोहरौद के किसानों को टोकन नहीं मिल पाया।
ट्रायल के दौरान तकनीकी समस्या को नहीं दिया ध्यान
सहकारी बैंक द्वारा खरीदी से पहले ट्रायल रन किया गया। इस दौरान इसकी पुख्ता जांच करने का दावा किया गया कि सभी सिस्टम ठीक हैं कि नहीं इसके बाद ही किसानों को टोकन देने का काम शुरू किया गया। लेकिन तकनीकी समस्या का ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण किसानों को अभी भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रायपुर से हाेगा तकनीकी समस्या का समाधान
इस तकनीकी समस्या का समाधान रायपुर के एनआईसी से ही हो सकेगा। क्योंकि साफ्टवेयर में यहीं से बदलाव होगा तभी उन किसानों के नाम की सूची उनके केंद्रों में जाएगी इसके बाद ही उन्हें टोकन मिलेगा। इसके लिए सहकारी बैंक के अधिकारियों द्वारा कलेक्टर के माध्यम से पत्र व्यवहार किया गया है।
कलेक्टर ने भी भेजा है पत्र, जल्द ही सुधार होगा
“कुछ समितियों में किसानों का डाटा उपलब्ध नहीं हो सका है। ऐसे समितियों में आ रही समस्या से एनआईसी को अवगत कराया गया है। कलेक्टर द्वारा पत्र भी भेजा गया है, जल्दी ही सुधार हो जाएगा।”
-सुशील चंद्राकर, सहायक नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जांजगीर
साभार: दैनिक भास्कर

