रायगढ़. हाथियों द्वारा फसल रौंदे जाने के दो साल बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। धरमजयगढ़ क्षेत्र के 45 किसान है। जो मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। किसान दो सालों से वनमंडल का चक्कर काट रहे हैं लेकिन वनअमला इन्हें बहाना बताकर भगा देता है। अंत में परेशान होकर ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट में शिकायत की है। मामला धरमजयगढ़ वनमंडल के पुरुंगा गांव का है। नवंबर 2018 में हाथियों ने गांव में घुसकर फसलों को रौंदा था। घटना के बाद वन विभाग के अफसरों ने गांव में आकर सर्वे किया। रिपोर्ट तैयार भी की लेकिन मुआवजा नहीं दिया। जब भी ग्रामीण मुआवजे की मांग करते उन्हें आश्वासन दिया जाता। दो सालों में सर्वे रिपोर्ट बनाने के अलावा कुछ नहीं हुआ। अब ग्रामीण वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्षतिपूर्ति राशि हजम करने के आरोप लगा रहे हैं। नाराज होकर कलेक्टोरेट में शिकायत कर न्याय मांगा है।
45 किसानों में इनकी फसल हुई थी बर्बाद
किसानों की फसल चौपट की थी उसमें जगत बेहरा, कन्हैया लाल, महेत्तर, गोपाल प्रसाद, सेतराम, संतराम, मोहन, रोहित कुमार,लक्ष्मीनारायण,श्याम सुंदर, पुनीराम, हलधर व हेतलाल के अलावा अन्य लोग थे। इन किसानों को आज तक मुआवजे के नाम पर फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई है।
साभार: दैनिक भास्कर

