औषधीय पौधे लगाए और पशुओं को खिलाया चारा
जशपुरनगर. मुख्यमंत्री जशपुर प्रवास के दौरान आज गम्हरिया पहुंचकर गौठान का अवलोकन किया। उन्होंने वहां गौठान में विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित मुर्गी पालन, बकरी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, दोना, पत्तल, चप्पल निर्माण तथा गोवर्धन योजना अंतर्गत प्री-फेब्रीकेडेट बायो गैस प्लांट का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने रोशनी स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित अणुसा संग्रहण केन्द्र से अणुसा पाउडर खरीदा। उन्होंने एक अन्य महिला समूह द्वारा बनाया गया साबुन भी खरीदा। गौठान में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा की जा रही सब्जी की खेती भी देखी। उन्होंने गौठान में उत्पादित सब्जियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों, मध्यान्ह भोजन और छात्रावासों में उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने गौठान परिसर में औषधीय पौधे सीता, अशोक, कल्प वृक्ष, सफेद पलास, शमी जैसे विभिन्न औषधीय पौधों लगाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन औषधीय पौधों के छाल एवं फल से विभिन्न बीमारियों के इलाज में उपयोग में लाया जाएगा। गौठान में मुख्यमंत्री ने पैरादान व चारा काटने की मशीन का भी अवलोकन किया तथा स्वंय ही मशीन से घास काटकर पशुओं को हरा चारा खिलाया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना और स्व-सहायता समूहों के सामूहिक प्रयास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार होगा तथा महात्मागांधी के ग्राम स्वराज का सपना पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने गौठान में स्थित नाडेप टैंक, कोटना, पैरा मचान का भी निरीक्षण किया तथा गौठान समिति के सदस्यों और चरवाहों को पशुओं की अच्छी देखभाल के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत गोवर्धन योजना के तहत निर्मित बायोगैस प्लांट के ईंधन का उपयोग कर बनाए गए चाय की चुस्कियां ली और इस कार्य को सराहा।
साभार: दैनिक भास्कर

