जशपुर. सोमवार से जिले भर के पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले गए हैं। इससे तहसील व एसडीएम कार्यालय में अब राजस्व संबंधी काम प्रभावित रहेंगे। सोमवार से पटवारियों ने तीसरे चरण के आंदोलन के तहत अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीण तिर्की ने बताया कि इससे पहले दो चरणों में पटवारी आंदाेलन कर चुके हैं, पर उनकी मांगों पर किसी भी तरह का ध्यान नहीं दिया गया। पहले चरण के आंदोलन में पटवारियोें ने 1 दिसंबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर सभी विकासखंडों में रैली निकाली। उस दिन मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर व विकासखंड स्तर पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद 2 से 13 दिसंबर तक पटवारियों ने काली पट्टी लगाकर सांकेतिक प्रदर्शन भी किया। अब 14 दिसंबर से पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले गए हैं। जिला मुख्यालय में पटवारी रणजीता स्टेडियम के पास, कुनकुरी में तहसील कार्यालय के सामने, फरसाबहार में तहसील कार्यालय के पास सहित पत्थलगांव व कांसाबेल में भी तहसील कार्यालय के सामने प्रति कार्यदिवस पटवारी धरने पर बैठेंगे।
ये मांगें कर रहे हैं
पटवारियों ने मुख्य रूप से भुइयां की समस्या के समाधान को लेकर धरना प्रदर्शन किया है। संगठन के अध्यक्ष प्रवीण तिर्की ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भुइयां कार्यक्रम के तहत समस्त भू-अभिलेखों का ऑनलाइन कम्प्यूटराइज्ड अभिलेख 2015 से तैयार किया है, पर इस कार्य के सफलतापूर्वक संचालन के लिए पटवारियों को सुविधा नहीं दी गई है। वर्तमान में नामांतरण जैसे समयबद्ध कार्यक्रम के लिए हर पटवारी को अत्याधुनिक सुविधायुक्त लैपटॉप, प्रिंटर एवं स्कैनर व इंटरनेट की जरूरत पड़ रही है। पटवारियों ने गिरदावरी भी ऑनलाइन एंट्री की। अधिक काम होने के कारण सर्वर हमेशा धीमा चला।
साभार: दैनिक भास्कर

