उर्दना स्थित युवक का घर।
रायगढ़. महीनेभर की छुट्टी लेकर घर में था आरक्षक, बीमारी के साथ ही कर्ज से भी था परेशान
लीवर की बीमारी से सालों से जूझ रहा था युवक
अजाक थाने के आरक्षक ने पुलिस लाइन के अपने घर से कुछ दूरी पर आम के बगीचे में फांसी लगा ली। प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरक्षक लीवर संबंधी बीमारी से परेशान था। हालांकि आत्महत्या की वजह को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस जांच के बाद कारणों का पता चलने की बात कह रही है। आरक्षक दीपक मिंज 6 दिसंबर से 6 जनवरी तक एक महीने की छुट्टी पर था। शनिवार रात लगभग 8 बजे वह घर से खाना खाकर टहलने के लिए निकला। घर वालों ने ज्यादा पूछताछ नहीं की। दूसरे दिन सुबह घर से एक किलोमीटर दूर आम के बगीचे में युवक की लाश फांसी के फंदे पर झूलती मिली। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा किया। पीएम के बाद शव को परिवार वाले गृहग्राम जशपुर लेकर चले गए। आरक्षक के पड़ोसी उसके कर्ज से परेशान होने की बात भी कह रहे हैं। हालांकि यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
बाइक की किस्त भरने मां से रुपए लेकर निकला था
आसपास के लोगों ने बताया कि आरक्षक ने घर से निकलने से पहले किस्त पटाने के लिए दिन में रुपए लिए थे। बाइक की किस्त बाकी होने के कारण युवक की मां ने उसे पैसे दे दिए। शाम तक वह पुलिस लाइन के आसपास ही देखे जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद दूसरे दिन सीधे घर वालों के पास युवक के आत्महत्या की खबर आई।
जहां लाश मिली वहां जुआरी और शराबियों का अड्डा
युवक ने जिस जगह फांसी लगाई है। वहां जुआरी और शराबियों का मजमा लगा रहता है। आम के बगीचे में हर रोज असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। हालांकि अभी तक पुलिस को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि युवक यहां पहुंचा कैसे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरक्षक का किसी से विवाद तो नहीं हुआ था।
तीन साल में पुलिस के 6 जवानों ने की आत्महत्या
तीन सालों में 6 से अधिक पुलिस जवानों की मौत हो चुकी है। सभी ने अलग-अलग तरीकों से आत्महत्या की थी। अधिकतर मामलों में जांच के बाद बीमारियों से परेशान होने की बात कही गई। लेकिन एक बात यह भी सामने आई कि सभी के साथ आर्थिक परेशानियां थीं। एक साल पहले ही बटालियन में एक अफसर ने घर में खुद को गोली मार दी। इसी तरह घरघोड़ा थाने में एक आरक्षक ने दो साल पहले जहर पी लिया था। एक आरक्षक ने लैलूंगा थाने के स्टाफ क्वार्टर में ही फांसी लगा ली थी। एक आरक्षक ने जिंदल के कलमी के पास ट्रेन से कटकर खुदकुशी की थी, वहीं एक अन्य ने कृष्णापुर के पास बिजली के टावर पर चढ़कर खुदकुशी की थी। इसी तरह के कई अन्य मामले भी हैं, जिनमें अधिकतर मामलो में पुलिस ने बताया।
बीमारी के कारण खुदकुशी की आशंका
“मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अभी फिलहाल बीमारी के कारण खुदकुशी किए जाने की आशंका है।”
-कृष्णकांत सिंह, टीआई, कोतवाली थाना
साभार: दैनिक भास्कर


