जशपुर. सन्ना थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। जिसमें सरपंच ने एक परिवार को बैठक में मारते पीटते हुए लेकर आने का फरमान जारी कर दिया। जिसके बाद कुछ लोगों ने परिवार की महिलाओं और बच्चों को मारते, पीटते व घसीटते हुए बैठक में लेकर आए। जानकारी के अनुसार नन्हेसर गांव के एक मंदिर में रह रहे पुजारी के परिवार की एक महिला पर गांव के कुछ लोगों ने उसके देवर के साथ अवैध संबंध होने का शक करते हैं। लेकिन इस बात से पीड़िता और उसका देवर ने इंकार किया। मामले को लेकर गांव के सरपंच फुलजेंस ने शनिवार की सुबह 9 बजे एक बैठक बुलाई। बैठक में पीड़ित पक्ष के नहीं पहुंचने पर सरपंच ने बैठक में ही फरमान जारी कर दिया कि महिला और उसके परिवार वालों को बैठक में मारते-पीटते हुए लेकर आ जाओ। सरपंच के फरमान के बाद सरपंच समर्थक सुलोचनी बाई, गुलाबी बाई, जगन्ती, सुखलाल राम ने पीड़िता और उसकी 19 वर्षीय बेटी काे घर में घुसकर गला दबाते हुए लाठी डंडे से मारते-पीटते हुए बाहर निकाला। जिससे पीड़िता की बेटी के मुंह में गम्भीर चोटें भी आई है। वहीं आरोपियों द्वारा पीड़िता के घर से सामान भी बाहर निकाल फेंका। पीड़िता और उसका पूरा परिवार अपना जान बचाते हुए सन्ना थाना पहुंच कर मामले की लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए पीड़िता और उसकी बेटी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सन्ना में भेज कर मुलाहिजा भी कराया। पुलिस ने बताया कि मुलाहिजा रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साभार: दैनिक भास्कर

