परिवार और दोस्तों के साथ राजपुरी में पिकनिक मनाने आया युवक जलप्रपात में गिरा
जशपुर. परिवार और दोस्तों के साथ अंबिकापुर से बगीचा के राजपुरी जलप्रपात में पिकनिक मनाने आया व्यक्ति पैर फिसलने से जलप्रपात में गिर गया। देर शाम तक पानी में उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। युवक की तलाश में स्थानीय गोताखोरों को लगाया गया, पर 4 घंटे की मशक्कत के बाद भी वे युवक काे ढूंढ नहीं पाए। बताया जाता है कि युवक अपने बेटे के सामने ही जलप्रपात में गिरा और उसके पानी में डूब गया। रविवार को दोपहर 1.30 बजे सरगुजा जिले के सरगवां सकालो निवासी 35 से 40 लोग चार वाहनों में पिकनिक मनाने बगीचा के राजपुरी जलप्रपात गए थेे। राजपुरी पहुंचने के बाद माणिक मंडल (40) नहाने की बात कहते हुए झरने के पास जाने के लिए ऊपर चढ़ गया था। उस दौरान उसका बेटा भी उसके साथ ऊपर की ओर जा रहा था। माणिक के ऊपर पहुंचते ही हुए उसका पैर फिसल गया और वह जलप्रपात में लगभग 150 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया है। उसके गिरने के बाद से उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। पिता को नीचे गिरते हुए देखकर उसका बेटा भी कुछ दूर तक दौड़ा, लेकिन कुछ देर में ही उसका पिता माणिक उसके आंखों के सामने से ओझल गए। बगीचा पुलिस को राजपुरी जलप्रपात में युवक के गिरने की सूचना मिली तो बगीचा थाना प्रभारी भास्कर शर्मा भी अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से उनकी तलाश शुरू कराई।
4 घंटे तक तलाश करने के बाद भी सफलता नहीं
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से माणिक की तलाश करवाना शुरू कर दिया है। स्थानीय गोताखोरों ने जलप्रपात में युवक की पतासाजी करने में लगे रहे, लेकिन हल्का अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया। 3 से 4 घंटे तक पतासाजी करने के बाद भी युवक की जलप्रपात में कुछ पता नहीं चल पाया है।
ऊपर चढ़ने से पुलिस और महिलाओं ने किया था मना
बताया जाता है कि राजपुरी पहुंचने के बाद माणिक जब झरने की ओर जा रहा था, उस समय वहां पर मौजूद स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं एक पुलिस के जवान ने उसे आगे जाने से मना किया था। उन्हें बताया गया था कि आगे जाना खतरे से खाली नहीं है और कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है, लेकिन माणिक ने उनकी बात नहीं मानी और झरने की ओर आगे बढ़ने लगा। इसके बाद वह सीधे जल प्रपात में गिरकर लापता हो गया।
अब तक पंद्रह लोग गिर चुके हैं झरने में
बगीचा के राजपुरी जलप्रपात में पिकनिक मनाने के लिए जिले के साथ-साथ अन्य जिले और दूसरे प्रदेशों के लोग भी यहां पहुंचते हैं। बताया जाता है कि हर साल यहां हजारों लोग अपने परिवार के साथ पहुंचते हैं। यह जलप्रपात जितना सुंदर है, उतना ही खतरनाक है। यहां के गिरते हुए झरने को देखकर लोग आकर्षित होकर झरने के पास जाना चाहते हैं। लेकिन यहां के झरना के पास जाना हमेशा खतरनाक साबित होता है। जिसके देखते हुए यहां सावधान का बोर्ड भी लगाया गया है लेकिन लोग इस बोर्ड को ध्यान नहीं देते और अपने जीवन को खतरे में डालते हुए झरने के पास पहुंच कर हादसे का शिकार हो जाते हैं। बताया जाता है कि अब तक इस जलप्रपात में 15 से अधिक लोग गिर कर अपनी जान तक गंवा बैठे हैं।
सुबह फिर से तलाश करने में जुटेगी टीम
बगीचा थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने बताया कि माणिक के जलप्रपात में गिरने की सूचना मिलते ही तत्काल घटना स्थल पर पहुंच कर स्थानीय गोताखोरों की मदद से माणिक का ढूंढना शुरू कर दी थी, लेकिन शाम होने एवं अधिक ठंड होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। युवक की पतासाजी के लिए जशपुर से होमगार्ड के गोताखोर पहुंच चुके हैं। सोमवार की सुबह एक बार फिर से तलाश की जाएगी।
साभार: दैनिक भास्कर

