2.11 करोड़ रुपए दो महीने पहले स्वीकृत लेकिन निगम ने शुरू नहीं कराया ट्रेंचिंग ग्राउंड का काम
रायगढ़. शहर में निकल रहे कचरे का डिस्पोजल करने प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए 2.11 करोड़ रुपए मिलने के बाद भी इसका टेंडर नहीं किया जा सका है। डंपिंग यार्ड को पूरी तरह खत्म करने की प्लानिंग थी लेकिन फिलहाल शहर का पूरा कचरा और कुछ मेडिकल वेस्ट भी इसी जगह पर फेंका जा रहा है। बड़े रामपुर ट्रेंचिंग ग्राउंड में 22 सालों से पड़े कचरे को खत्म करने के लिए निगम ने योजना बनाई। बजट भी स्वीकृत हुआ। लेकिन निगम बीते दो माह से टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया है। निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण रामपुर ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे का ढेर लग रहा है। एनजीटी ने दिसंबर 2019 तक ही सभी शहरों से डंपिंग यार्ड खत्म करने आदेश जारी कर दिए थे। रायगढ़ में यह एक साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया। यदि निगम मंगलवार से भी टेंडर की प्रक्रिया शुरू करे तो इस वर्ष काम नहीं हो पाएगा। इसे निविदा समिति से अनुमति मिलेगी फिर परिषद से सहमति लेनी होगी। इसके बाद ही टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
घरों से उठा कचरा, अस्पताल से निकला मेडिकल वेस्ट यहीं फेंक जाते हैं निगम कर्मी, अब नहीं बची जगह
गोवर्धनपुर पुल के पास आसपास में हर रोज ट्रैक्टरों से कचरा डंप हो रहा है। पहले बड़े रामपुर के सामने ही सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा था, हालांकि अब कचरा अंदर की ओर डाला जा रहा है। मेडिकल वेस्ट यहां गड्ढा करके डाला जाता है। मेडिकल वेस्ट समेत कचरा के निस्तारण के लिए धनागर के पास जमीन देखी गई थी। नया ट्रेंचिंग ग्राउंड नहीं बनने से शहर के कचरे का डिस्पोजल बड़ी समस्या है।
कचरा नष्ट करने दो साल पहले बनी थी योजना, नहीं हुआ अमल
रामपुर में फैली गंदगी के कारण इस बाइपास का उपयोग आम लोग नहीं करते हैं। 2018 में बड़े रामपुर में डंप कचरा खत्म करने के लिए कई क्विंटल गुड़ व चूना डाला गया था। बेंगलुरु की कंपनी ने बायो रेमिडिएशन का सुझाव भी दिया था।
हमने तैयारियां पूरी कर ली है
“अभी कुछ तैयारियां चल रही है। जल्द ही इसमें टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हमने अपनी ओर से तैयारियां पूरी कर ली है।”
-अजीत तिग्गा, ईई, नगर निगम
साभार: दैनिक भास्कर

