बिलासपुर के 18320 सहित प्रदेश के 2.28 लाख हैल्थ वर्कर के नाम पहला टीका, सबसे ज्यादा सिम्स के 1590 कर्मचारियों के नाम जिले की लिस्ट में
बिलासपुर. कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को ही कोविड का टीका लगाया जाएगा। एक्टिव मरीजों को टीका नहीं लगेगा। बिलासपुर जिले में 17 हजार से अधिक लोग इस बीमारी को मात दे चुके हैं, यानी इनके नाम की वैक्सीन भी आने की संभावना है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमरसिंह ठाकुर ने बताया कि कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी। सबसे पहले तीन ग्रुप में वैक्सीन लगाने की तैयारी है। पहला हैल्थ वर्कर, दूसरा फ्रंट लाइन वारियर्स और तीसरे नंबर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले जो कोरोना को हरा चुके हों। तीनों कैटेगरी में वैक्सीन लगते समय कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। बीमारी से ठीक होने के बाद ही टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहली वैक्सीन हैल्थ वर्करों को लगाई जाएगी। जिले में 18320 तो प्रदेश में दो लाख 28 हजार हैल्थ वर्कर को पहला टीका लगेगा। इसके बाद फ्रंट लाइन वारियर्स को वैक्सीन लगेगी। फिर 60 साल से अधिक। चौथे नंबर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र वालों को कोविड का टीका लगाया जाएगा। हां लेकिन इनसे पहले 50 साल से कम उम्र के वो लोग जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें इनसे पहले टीका लगाया जाएगा। उन्होंने ये भी बताया कि एक आदमी को दो टीके लगने की संभावना है। पहला टीका लगने के 28 दिन बाद दूसरा लगने की संभावना है। वर्तमान में वैक्सीनेशन साइट को तैयार किया जा रहा है। वैक्सीन कब तक आएगी इस सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बता पाना मुश्किल है। लेकिन प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर वैक्सीन को लेकिन ट्रेनिंग चल रही हैं।
8820 निजी हैल्थ वर्कर को लगेगा टीका
इधर सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया कि जिले में 8820 निजी और 9500 सरकारी हैल्थ वर्कर को पहली वैक्सीन लगाई जाएगी। सबसे ज्यादा 1590 कर्मचारी सिम्स के हैं, जिन्हें पहला टीका लगेगा। दूसरे नंबर पर अपोलो अस्पताल के 1132 कर्मचारियों को टीका लगेगा। सिटी डिस्पेंसरी यूपीएचसी के 925, त्रिवेणी डेंटल कॉलेज के 687, जन स्वास्थ्य सहयोग के 560, न्यू होरी-जोन डेंटल कॉलेज के 480, किम्स 307 और जिला अस्पताल के 404 कर्मचारियों सहित कुल 18320 हैल्थ वर्कर को पहली वैक्सीन लगेगी।
प्लस 2 से प्लस 8 डिग्री में रखी जाएगी वैक्सीन
संभागीय वैक्सीन भंडार जहां डब्ल्यूआईसी स्थापित है, यहां पर कोविड वैक्सीन के रखने की व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन रखने 80 फ्रीजर हैं। 7 नए फ्रीजर आ चुके हैं। अब डी फ्रीजर आना बाकी है। जिन्हें नए बने कोल्ड चेन पॉइंट सेंटरों में भेजा जाएगा। वैक्सीन आते ही उसे प्लस 2 से प्लस आठ डिग्री तापमान में रखा जाएगा।
30 मिनट बाद बूथ सेंटर से जाने दिया जाएगा : वैक्सीन के लिए हर बूथ में 3 कमरे होंगे। वैक्सीन लगने के बाद हर व्यक्ति को 30 मिनट तक रोका जाएगा। देखा जाएगा कि वैक्सीन लगाने के बाद किसी तरह का साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा है। सब कुछ ठीक रहने पर जाने की अनुमति दी जाएगी।
10 हजार टीके रोज लगेंगे
एक वेक्सीनेटर एक दिन में सौ टीके तक लगा सकेगा। केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक सौ टीके लगाने के बाद पांच से छह लोगों की वैक्सीनेशन टीम में मौजूद रहने वाला दूसरा वेक्सीनेटर टीके लगाने के काम को आगे बढ़ाएगा। प्रदेश में 2.28 लाख लोगों को टीके लगाए जाने हैं, हर दिन औसतन दस हजार से अधिक टीके लग सकते हैं। हालांकि ये टीको की उपलब्धता के आधार पर बाद में तय किया जाएगा।
साभार: दैनिक भास्कर

