जशपुरनगर। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात जिले के पत्थलगांव तहसील में हाथियों का कहर जमकर टूटा। उत्पाती अतिकायों ने अलग अलग घटना में तीन ग्रामीणों को कुचल कर मार डाला। जानकारी के मुताबिक पहली घटना लुड़ेग से लगे सराइटोला के बन्दरा कुंजरा के जंगल की है जहां 50 वर्षीय दिलसाय चौहान को एक हाथी ने कुचल कर मार डाला जबकि दूसरी घटना यहॉ से कुछ दूर झिमकी गाँव की है। इस गांव में दल से अलग हो कर भटके रहे दो हाथी एक ही परिवार के दो लोगों को कुचलकर मार डाला।वन विभाग के पत्थल गाँव एसडीओ आरआर पैंकरा ने 3 लोगो के हाथियों से कुचले जाने से हुई मौत की पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि झिमकी में बस्ती में घुसे दो हाथी घर तोड़ रहे थे, इसी दौरान मृतक हाथी के सामने आ गए थे। जिससे यह हादसा हो गया। वन विभाग का कहना है कि घटना के वक्त मौके पर बहुत से ग्रामीण थे,जिन्होंने हमले के दौरान भाग कर जान बचाई। पत्थलगांव लुड़ेग के पास ग्राम सरई टोला के जंगल मे हाथी ने एक 50 साल के ब्यक्ति को कुचला मौके पे हुई मौत सरई टोला के पास बन्दरा गुंजा के जंगल मे बीते 15, दिन से विचरण कर रहा एक हाथी ने रविवार रात्रि करीबन 9, बजे जंगल मे दिलसाय चौहान पिता सिरजु चौहान उम्र करीबन 50, वर्ष को कुचल कर मार डाला वही प्राप्त जानकारी के अनुसार दिलसाय चौहान को जंगल से न जाने की सलाह गाँव वालों ने देते हुए बताया था कि जंगल मे हाथी है। पर दिलसाय ने उन बातों को अनसुना करते हुए जंगल से रास्ते ही जाने की जिद्द की और हाथी ने कुचल कर मार डाला।पत्थलगांव फारेस्ट के एसडीओ आरआर पैंकरा ने बताया कि सरई टोला के जंगल मे दिलसाय चौहान को हाथी ने कुचल कर मार डाला है। हमारे द्वारा गाँव वालो को पहले से हिदायत दी गई थी कि हाथी के पास जंगलों में कोई न जाये पर दिलसाय चौहान ने हमारी बातों और गाँव वालों के मना करने के बावजूद जंगल के रास्ते से होकर जाने की जिद किया। वहीं जंगल मे रहे हाथी ने दिलसाय चौहान को कुचल कर मार डाला। हमारे फारेस्ट विभाग की टीम उसी जंगल के नजदीक गाँव मे मौजूद है। जानकारी के लिए बता दे कि हाथियों के उत्पात के लिहाज से गुजरा हुआ 2020 साल,सबसे बुरा रहा है। इन 12 महीनों के दौरान अतिकायों ने 26 लोगो को कुचल कर मारा है। वही तीन हाथियों की भी मौत इस दौरान हो चुकी है। साल के अंतिम माह दिसम्बर में भी हाथियो ने जम कर उत्पात मचाई थी। 78 घर के ध्वस्त होने के बावजूद जनहानि ना होने से वन विभाग के अधिकारी राहत की सांस ले रहे थे। अब 2021 के पहले ही माह में एक दिन में तीन लोगों की मौत ने शासन और प्रशासन के सामने नई चुनोती खड़ी कर दी है।

