भौतिक सत्यापन से रुक सकती है धान की अवैध खरीदी
पत्थलगांव. धान खरीदी केन्द्र मे धान खरीदी के कुछ ही दिन शेष बचे हैं। ऐसे में अब बिचौलिए काफी सक्रिय हो चुके हैं। कुछ राइस मिलों का धान खरीदी केंद्रों में खपाया जा रहा है। बडे़ किसानों के खाते की आड़ में शासकीय धान की अफरा-तफरी की जा रही है। कुछ राइस मिल से मिलिंग के लिए गया धान दोबारा धान खरीदी केन्द्र में ही लाकर बेचने का गोरखधंधा जारी है। अवैध धान की बिक्री पर शासन-प्रशासन रोक नहीं लगाती है। तो सरकार को एक धान पर दो बार कीमत देनी पड़ सकती है। इस गोरख धंधे में जिला प्रशासन को ध्यान देने की अधिक जरूरत है। मिली जानकारी के अनुसार धान खरीदी केन्द्र से राइस मिलो मे जमा होने वाला धान दोबारा केन्द्र में बेचा जा रहा है। इस काम में पंजीकृत किसानों की ऋण पुस्तिका का इस्तेमाल किया जा रहा है। समय रहते राइस मिलों में जाने वाले मिलिंग के धान का भौतिक सत्यापन नहीं कराया जाता है तो सरकार को एक धान की दो बार कीमत चुकानी पडे़गी। ऐसा करने से दूसरे राज्य के आने वाले अवैध धान को भी बढावा मिल रहा है। एक धान की दो बार बिक्री यहां के अधिकांश केन्द्रों में शुरू हो चुकी है। लेकिन प्रबंधकों के पास ऐसे काम पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। जिसका लाभ बिचौलिए उठा रहे हैं।
कार्रवाई की जाएगी
“भौतिक सत्यापन के लिए उच्च अधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराया जाएगा। राइस मिलों से यदि धान खरीदी केन्द्रों में आ रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।”
-मनीष अग्रवाल, खाद्य निरीक्षक, पत्थलगांव
साभार: दैनिक भास्कर

