पूंजीपथरा इंडस्ट्रियल पार्क जाते पकड़े जाते हैं अवैध परिवहन वाले वाहन
रायगढ़. जिले में लगातार कबाड़ परिवहन के मामले सामने आ रहे हैं। अवैध कबाड़ का परिवहन पूंजीपथरा और आसपास के उद्योगों में होता है लेकिन माल खरीदता या मंगाता कौन है, कहां खपाया जाता है पुलिस को इसका पता नहीं चलता है। थाने की पुलिस ज्यादातर कार्रवाई में स्क्रैप जब्ती के साथ ड्राइवर पर कार्रवाई करती है।
पुलिस ने दो माह में ही लगभग 20 टन कबाड़ अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा है। ज्यादातर कबाड़ कोतवाली पुलिस ने पकड़े। गाड़ियों के ड्राइवर ने पकड़ाने के बाद माल पूंजीपथरा में पहुंचाने की बात कही। उल्लेखनीय है कि पूंजीपथरा इंडस्ट्रीयल पार्क और आसपास 50 से ज्यादा फर्नेस है। यहां हर दिन औसतन 800 टन कबाड़ का इस्तेमाल लोहा बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। अधिकतर फैक्ट्री संचालक ऑक्शन के बदले कबाड़ियों से स्क्रैप लेते हैं।
बड़ों को भय दिखाने छोटों पर कार्रवाई
अधिकतर मामलों में देखा गया है कि पुलिस की ज्यादातर कार्रवाई छोटी गाड़ियों और ठिकानों पर ही होती है। पुलिस अवैध कबाड़ कारोबार पर नकेल कसने कोई अभियान नहीं चला रही है। कबाड़ी बेखौफ होकर चोरी के माल को फैक्ट्रियों में खपा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में कबाड़ बेचना अंतरराज्यीय व्यवसायियों के लिए ज्यादा फायदेमंद
छत्तीसगढ़ में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र ओडिशा के मुकाबले कबाड़ काफी महंगा है। दूसरे राज्यों के स्क्रैप व्यवसायियों के लिए छत्तीसगढ़ में कबाड़ बेचना ज्यादा फायदेमंद है। बड़े उद्योग अपने कबाड़ को रिसाइकिल करते हैं और छोटे प्लांट्स इन स्क्रैप व्यवसायियों से बड़ी मात्रा में कबाड़ खरीदते हैं।
- 8 जनवरी को कोतवाली पुलिस ने 9 टन अवैध कबाड़ से भरे ट्रक को पकड़ा था। कबाड़ अजय कबाड़ी का था। माल का ओडिशा से लाया जाना बताया गया और पूंजीपथरा इंडस्ट्रीयल पार्क में खपाने की बात कही गई। लेकिन माल कहां और किस फैक्ट्री में किसके कहने पर जा रहा था। यह क्लियर नहीं हो पाया।
- शुक्रवार को घरघोड़ा पुलिस ने कंचनपुर के पास 1 टन से अधिक अवैध कबाड़ को परिवहन करते हुए पकड़ा। ड्राइवर ने बताया कि वह माल को खपाने पूंजीपथरा लेकर जा रहा था। लेकिन माल कहां से आया और किस फैक्ट्री में जा रहा था। यह अज्ञात था।
- उर्दना के पास वेलकम ढाबा संचालक अपने परिसर में गाड़ियों को काटते हुए पकड़ाया। पुलिस ने गाड़ियां जब्त कीं। कार्रवाई के महीनेभर बाद भी संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही मामले में जांच आगे बढ़ी है।
- 20 दिसंबर को कोतवाली पुलिस ने उर्दना के पास 7 टन लोड आयरन ओर को पकड़ा। जो पूंजीपथरा में खपाने के लिए ले जाया जा रहा था। यह भी माल अजय कबाड़ी का था। इसमें भी पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि माल पूंजीपथरा एरिया में खपने जा रहा था। लेकिन पूंजीपथरा इंडस्ट्रीयल पार्क के सैकड़ों फैक्ट्रियों में कहां जा रहा था। यह पता नहीं चला।
इन कारणों से कबाड़ की खपत ज्यादा फर्नेस प्लांट में
लोहा बनाने के लिए स्क्रैप बेहतर और सस्ता
लोहा बनाने के लिए स्पंज और पिग आयरन के साथ 20-30 प्रतिशत स्क्रैप की जरूरत
स्पंज आयरन की जगह कबाड़ ज्यादा सस्ता और मेल्टिंग भी अच्छी
सोर्स का पता चलने के बाद भी कार्रवाई नहीं
गाड़ियों के कटिंग का सोर्स पता चलने के बाद भी उसपर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। कुछ दिनों पहले ही उर्दना के वेलकम ढाबे में ऐसी कार्रवाई हुई। अन्य जगहों पर भी पुलिस ने रास्ते में गाड़ियों को रोका लेकिन गाड़ी के निकलने की जगह तक कभी नहीं पहुंची या कभी किसी गोदाम में जाकर छापेमारी की कार्रवाई भी नहीं की।
साभार: दैनिक भास्कर

