हर साल 40 खिलाड़ी छात्र बोनस अंक से होते थे लाभान्वित
जशपुर. इस वर्ष काेरोना महामारी के कारण एक भी खेल स्पर्धाओं का आयोजन नहीं हो पाया। इसलिए बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक के लिए खिलाड़ी छात्रों को भी पढ़ाई करनी पड़ेगी। क्योंकि इस वर्ष डीईओ कार्यालय से बोनस अंक से कोई सूची नहीं भेजी जा रही है और ना ही माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सूची की डिमांड की है। जिले में हर साल दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में करीब 40 छात्र-छात्राओं को बोनस अंक का लाभ मिल जाता था। बीते साल 42 छात्र बोनस अंक से लाभान्वित हुए थे। छात्रों को खेलकूद में जिला, संभाग, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने और उसमें पदक हासिल करने के आधार पर 10 से 20 तक अंक प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इसी तरह एनसीसी और एनएसएस में राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कैंप में शामिल होने और रिपब्लिक डे पर होने वाले परेड में शामिल होने के आधार पर 10 से 20 तक बोनस अंक दिए जाते हैं। इसके अलावा मानव संसाधान विकास मंत्रालय से जारी नए नियम के अनुसार खिलाड़ी छात्रों और एनसीसी तथा एनएसएस के कैडेट्स की अंक सूची में अलग से बोनस अंक मिलना बीते साल से शुरू हुआ था।
प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 फरवरी से स्कूलों में
राज्य सरकार ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर निर्देश जारी कर दिया है। निर्देश के अनुसार 10 फरवरी से 10 मार्च के बीच संबंधित स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं सम्पन्न कराई जाएगी। प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए एक्सटर्नल बाहर से नहीं आएंगे बल्कि स्थानीय स्तर पर ही परीक्षाएं पूरी कर ली जाएगी। परीक्षा कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ली जाएगी। प्रैक्टिकल की परीक्षा से पहले इसकी तैयारी भी इस निर्धारित समय पर करने को कहा गया है।
साभार: दैनिक भास्कर


