996.25 करोड़ रुपए का हो चुका है भुगतान
रायगढ़. प्रदेश सरकार ने इस वर्ष धान खरीदी में एक नया रिकार्ड कायम किया है। यह छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्ध हो रही खेती-किसानी के लिए एक सुखद भविष्य का संकेत है। राज्य में कृषि कार्यों को संबल मिल रहा है। खेती-किसानी छोड़ चुके लोग फिर से कृषि कार्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं। धान की खेती के पंजीयन का रकबा एवं पंजीकृत किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस वर्ष जिले में निर्धारित लक्ष्य 5.13 लाख मि.टन से अधिक 5.33 लाख मि.टन धान की खरीदी हुई है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए जिले में कुल 1.55 लाख हेक्टेयर धान के रकबे का पंजीयन किया गया है, जो गत वर्ष पंजीकृत रकबे 1.49 लाख हेक्टेयर की तुलना में 5711 हेक्टेयर अधिक है। इस वर्ष गिरदावरी के माध्यम से जिले में 13 हजार 725 नवीन किसानों के 14 हजार 851 हेक्टेयर नवीन रकबे का भी पंजीयन किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिले में कुल 1 लाख 5 हजार 598 किसानों का पंजीयन किया गया। जो पिछले वर्ष पंजीकृत किसानों की संख्या 94 हजार 667 से 11 प्रतिशत अधिक है। जिले के पंजीकृत 1 लाख 5 हजार 598 कृषकों में से 1 लाख 1 हजार 52 किसानों से 5.33 लाख मि.टन धान का उपार्जन किया गया है। पिछले वर्ष जिले में 90 हजार 385 किसानों से 4.84 लाख मि.टन धान का उपार्जन किया गया था। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक किसानों से धान खरीदी गई है। जिले के 95.69 प्रतिशत पंजीकृत किसानों ने अपना धान का विक्रय किया है। जिले में धान बेचने वाले किसानों को विक्रय किए गए धान के एवज में अब तक 996.25 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। जिला विपणन अधिकारी गुप्ता ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में लक्ष्य के विरूद्ध जिले के 134 उपार्जन केंद्रों में कुल 5.33 लाख मि.टन धान की खरीदी की गई है। जिसमें से 3.31 लाख मि.टन धान का डीओ एवं टीओ जारी हो चुका है। शेष धान को उपार्जन केंद्रों में ही सुरक्षित रूप से रखने के लिए निर्देशित किया गया है, जिसका निराकरण के शासन द्वारा निर्देश जारी होने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
साभार: दैनिक भास्कर

