जनवरी नहीं मार्च में आ सकती है सर्वे टीम इसलिए पुराने जर्जर पड़े प्रतीक चिह्नों की कर रहे हैं मरम्मत
रायगढ़. बेहतर स्वच्छता रैंकिंग के लिए निगम पूरी ताकत लगा रहा है। जहां पहले कचरा डंप किया जाता था, उन जगहों को गार्डन के रूप में तब्दील किया जा रहा है। शहर के बीच चौक-चौराहों पर रंग-रोगन के साथ ही स्वच्छता एप्लिकेशन के जरिए ज्यादा सिटीजन फीडबैक डलवाने पर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। स्वच्छता सर्वे टीम जनवरी के बजाय मार्च में आएगी। निगम को शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ज्यादा समय मिल गया है। हर वार्ड में महासफाई अभियान चलाकर जिला प्रशासन और निगम दोनों मिलकर जहां लोगों को अपील करने में जुड़े हुए हैं। शहर में लगभग 50 लाख से अधिक के सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। इसी के साथ अलग-अलग जागरुकता अभियान चलाकर लोगों के बीच स्वच्छता रैंकिंग के संदेश को पहुंचाया जा रहा है। निगम हर शहरवासी का इस अभियान में सहयोग चाहती है इसलिए लोगों के बीच जाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इन 6 बिंदुओं से समझिए निगम का प्रयास
12 जगहों पर बदले जा रहे गार्बेज प्वाइंट
शहर के 12 जगहों पर लगभग 9 लाख रुपए की लागत से गार्बेज प्वाइंट बनाए जा रहे हैं। बोइरदादर, गौशालापारा और चिरंजीवी दास नगर के सामने ऐसे गार्डन लगभग तैयार हो चुके हैं। इनमें औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। आसपास के लोगों को समझाईश भी दी जा रही है कि वे इन स्थानों पर कचरा ना डाले।
रंगरोगन के लिए 23 लाख रुपए किए मंजूर
शहर के बीच बने डिवाइडर और वाल पेटिंग करने की प्लानिंग है। निगम ने अभी डिवाइडरों के रंगरोगन का काम शुरू किया है। मरीन ड्राइवर मार्ग पर बने स्टैच्यू का भी रंगरोगन किया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग जगहों पर स्वच्छता स्लोगन को दोबारा तैयार किया जाएगा।
दिशा सूचक लगाने में19.5 लाख रु. होंगे खर्च
शहर के अलग-अलग स्थानों पर दिशासूचक लगाने का काम भी किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर दिशा सूचक लगने शुरू हो गए हैं। हालांकि निगम के इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार यह राशि किन-किन जगहों पर खर्च होनी है। इसकी लिस्ट भी तैयार की जा चुकी है। इसे चौक-चौराहों के अलावा कुछ प्रमुख वार्डों के प्रवेश द्वार पर भी लगाया जा सकता है।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर जोर
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर निगम सबसे ज्यादा फोकस किया है। जिला प्रशासन की ओर से 100 अतिरिक्त ट्राइसाइकिल मिलने के बाद उन्हें भी सेंटरों में लगा दिया गया है। इसी तरह अब कुल 360 महिलाएं है जो स्वच्छता दीदी के तौर पर शहर के वार्डों में काम कर रही है। हर सुबह स्वच्छता दीदियां घरों के सामने कचरा लेने के लिए मौजूद रहती हैं।
टैक्स वसूली बेहतर करने की जरूरत
टैक्स वसूली कुछ दिनों में काफी बढ़ गया है। अब टैक्स वसूली बढ़कर 60 प्रतिशत तक कंप्लीट हो चुका है। हालांकि इसमें सुधार की गुंजाइश अभी भी है। निगम आयुक्त आए दिन बैठक लेकर लोगों को समझाईश दे रहे हैं कि वे राजस्व वसूली पर ध्यान दें। हालांकि राजस्व विभाग के कर्मचारियों के अनुसार उन्हें बड़े बकाएदारों के नाम ही नहीं मिल रहे हैं।
स्वच्छता एप डाउनलोड कराने पर फोकस
निगम ने स्वच्छता एप 15 हजार से ज्यादा शहरवासियों के मोबाइल पर डाउनलोड करा दिया है। इसमें शहरवासी फीडबैक दे सकते हैं। हालांकि निगम इस जगह पर थोड़ा कमजोर दिखाई दे रहा है। क्योंकि इसमें एक्टिव यूजर्स की संख्या ना के बराबर है। अधिकतर लोगों को इसके इस्तेमाल करने के बारे में पता भी नहीं है।
लोगों के बीच चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
“रायगढ़ को बेहतर रैंक मिल सके इसलिए प्रयास जारी है। लोगों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अलावा सौन्दर्यीकरण का काम भी जारी है।”
-आशुतोष पांडेय, निगम आयुक्त, ननि रायगढ़
साभार: दैनिक भास्कर

