पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर और आयुक्त से मिलीं महिलाएं, देर शाम तक नहीं बन सकी सहमति
रायगढ़. शहर के 48 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का काम दो दिन से ठप है। कचरा कलेक्शन करने वाली 350 महिला कर्मचारी वेतन बढ़ाने समेत अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई है। सोमवार को महिलाएं वार्डों में काम पर नहीं गईं। सोमवार को महिलाएं कलेक्टर और आयुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचीं। देर शाम को निगम आयुक्त और कर्मचारियों के बीच बातचीत हुई लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सकता है। आयुक्त ने हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया। आयुक्त ने कहा, इस मामले पर स्थानीय स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता है। इसके अलावा कर्मचारियों को रोटेशन के अनुसार छुट्टी देने और स्वास्थ्य शिविर भी लगाने की मांग की गई। आयुक्त ने भरोसा जताया है कि महिलाएं मंगलवार से काम पर लौट जाएंगी। 350 महिला कर्मचारी पर बड़ी जिम्मेदारी – 350 महिला कर्मचारी शहर में घरों से कचरा उठाती हैं। 100 महिलाओं की भर्ती के लिए डीएमएफ से कुछ दिनों पहले ही स्वीकृति दी गई थी। नगर निगम ने 156 रिक्शा रखा है, इसमें 100 रिक्शे डीएमएफ फंड से लिए गए थे। महिलाओं का कहना है कि उन्हें सिर्फ 6 हजार रुपए तनख्वाह मिलती है, वेतन 10 हजार रुपए की जाए ताकि वे परिवार पाल सकें।
ये हैं महिला कर्मचारियों की मांग…
कचरा कलेक्शन के दौरान वे बीमार पड़ती हैं, उन्हें स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता। नगरीय प्रशासन विभाग के निर्देश के बाद भी शिविर नहीं लगाया जाता है।
कबाड़ बेच कर जो आय होती है उसकी जानकारी नहीं दी जाती है। कबाड़ बेचने का अधिकार महिला कर्मियों को दिया जाए।
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली महिलाओं को पीएफ और ईएसआईसी की सुविधा दी जाए।
साप्ताहिक छुट्टी देने और हादसा होने पर सफाई महिला मित्र को सहायता राशि दी जाए।
वेतन वृद्धि के लिए शासन से मंजूरी जरूरी
“डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली महिला कर्मियों के हड़ताल के बाद उनसे बातचीत की गई है। वे पीएफ और ईएसआईसी की सुविधा के साथ सैलरी बढ़ाने की मांग कर रही हैं। यह फैसला शासन स्तर पर ही लिया जा सकता है। छुट्टी और स्वास्थ्य शिविर को लेकर निर्णय लिया गया है।”
-आशुतोष पांडेय, निगम आयुक्त
साभार: दैनिक भास्कर


