रायगढ़. निगम और पीडब्ल्यूडी ने अलग-अलग समय में सर्किट हाउस से उर्दना के बीच नालियां बनाई हैं। इस पर 12.28 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन सात साल बाद ना तो निगम का निर्माण पूरा हुआ है और ना ही पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी बताई गई नाली का निर्माण पूरा हुआ है। तकनीकी रूप से गलत बनी नालियों की जांच किए बिना ही निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों ने ठेकेदारों को भुगतान भी कर दिया। सर्किट हाउस मार्ग पर हुए नाली निर्माण के काम को देख कर निगम और पीडब्ल्यूडी की गंभीरता को समझा जा सकता है। दोनों ही विभागों के इंजीनियरों ने नाली के लिए सर्वे किया, मौके पर विजिट कर ठेकेदारों को भुगतान किया लेकिन नाली अधूरी है। निगम ने रामपुर मार्ग पर 13 वें वित्त मद की राशि से 2014 में 1.54 करोड़ रुपए से काम कराया। निगम ने रामपुर से दीनदयाल कॉलोनी के बीच 1.6 किलोमीटर लंबी नाली बनवाई। वन विभाग की जमीन का पेंच फंसने पर निर्माण आगे रोक दिया गया। पीडब्ल्यूडी ने 2017 में 10.74 करोड़ रुपए की राशि से सर्किट हाउस से उर्दना के बीच सड़क बनवाई। पहाड़ से उतरने वाले पानी को रोकने निगम के नाली के ठीक नीचे पीडब्ल्यूडी ने भी नाली बनाई। काम 2019 में पूरा बताकर ठेकेदार को एस्केलेशन बिल छोड़कर बाकी का भुगतान कर दिया गया। नाली अभी अधूरी है, जो हिस्सा बना है वह भी बेढंगा है। इससे न केवल लाखों रुपयों की बर्बादी हुई बल्कि ड्रेनेज नहीं होने से पहाड़ों से उतरते पानी से सड़क बह जाएगी।
तकनीक की अनदेखी से बेकार हुआ सरकारी पैसा
पीडब्ल्यूडी ने दीनदयाल कॉलोनी के पास नाली बनवाई है। कोसा डिपो के कुछ दूर तक ले जाने के बाद ब्लॉक कर नाली को पहाड़ की ओर ही मोड़ दिया गया। दरअसल पहाड़ का पानी इसी रास्ते से नीचे उतरता है लेकिन यहां इसी रास्ते से पानी ऊपर भी चढ़ाया जा रहा है। निगम और पीडब्ल्यूडी दोनों की नाली तीन जगह पर टूटी है। पीडब्ल्यूडी की नाली का निर्माण पावर हाउस के पास लगभग 30 मीटर में अधूरा है। बीच में ऐसी कोई बाधा नहीं है जिससे काम रुका हो। दीनदयाल कॉलोनी के पास भी नाली दो जगहों पर टूटी हुई है। लेवलिंग भी सही नहीं की गई है।
निगम की नाली
लंबाई लगभग-1.6 किमी
लागत-1.54 करोड़ रुपए
(भुगतान आधे हिस्से का हुआ। क्योंकि फॉरेस्ट की जमीन के कारण काम रुक गया)
काम की शुरुआत-2014 में
स्थिति- अब तक अधूरा
ठेकेदार-गिरधर अग्रवाल
पीडब्ल्यूडी की नाली
लंबाई लगभग-3.2 किमी
लागत-10.74 करोड़
(उर्दना-सर्किट हाउस मार्ग के लिए बने इस्टीमेट में ही नाली का काम शामिल)
काम की शुरुआत-2019
स्थिति-अब तक अधूरा
ठेकेदार-अशोक केजरीवाल
नाली के अंतिम छोर का पता ही नहीं
पहाड़ के पानी को केलो नदी में जाकर मिलाने की प्लानिंग थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई नाली के दोनों छोर अधूरे लग रहे हैं। एक छोर चांदमारी रोड पर पावर हाउस के पास पहाड़ के समीप खत्म हो जाता है। दूसरा छोर उर्दना तिराहे में खत्म हो जाता है। दोनों ही छोर का पानी सीधे सड़क पर ही निकलता है।
सीधी बात
आर के खांबरा, ईई पीडब्ल्यूडी
सवाल – सर्किट हाउस मार्ग पर नाली बनाई गई थी। वह अभी तक पूरी नहीं हुई।
- मुझे दिखवाना पड़ेगा। मेरे आने के पहले का काम है।
सवाल – कई जगहों पर नाली का अधूरा छोड़ दिया गया है। - कुछ विवाद होगा, शायद इसलिए छोड़ा हो, मुझे एक बार दिखाना पड़ेगा।
सवाल – ठेकेदार ने एक जगह नाली को पहाड़ की ओर मोड़ दिया। - यह तो पूरी तरह से गलत है, मैं कल साइट विजिट करता हूं।
सवाल – ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया गया है। - कुछ पैसे अभी भी बाकी है। अगर काम बचा है तो हम ठेकेदार से कराएंगे।
मेरे संज्ञान में नहीं है मामला
“मामला मेरी संज्ञान में अभी तक नहीं आया था। आपके जरिए मुझे इसकी जानकारी हो रही है। मैं इसे दिखवाता हूं। अगर काम बाकी है और कोई भी दिक्कत है तो उसका हल निकालेंगे।”
-आशुतोष पांडेय, निगम आयुक्त
साभार: दैनिक भास्कर

