रायगढ़, 5 अप्रैल2021/ कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला जल स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का लक्ष्य वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन हर घर को नल से जल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जैसा कि योजना का नाम है जल जीवन मिशन तो इसे मिशन मोड में ही करना है। ताकि तय समय में सभी लक्ष्यों को पूरा करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के हर परिवार को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करवाया जा सके। इसके साथ ही स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक भवनों में भी कार्यशील नल कनेक्शन उपलब्ध कराना इस योजना में शामिल है एवं उसकी कार्यशीलता पर निगरानी भी करना है। जिससे ग्रामीणों को सुचारू रूप से नल कनेक्शन के द्वारा शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुविधा का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में मानव संसाधनों का विकास व सशक्तिकरण करना भी आवश्यक है ताकि योजना से संबंधित नल कनेक्शन से जुड़े निर्माण कार्य, प्लंबिंग, बिजली, जल, गुणवत्ता प्रबंधन, जल शोधन, संचालन-संधारण एवं रख-रखाव आदि से जुड़ी मांग को भी पूरा किया जा सके।
कलेक्टर श्री सिंह ने जल जीवन मिशन की अद्यतन प्रगति एवं निविदाओं की स्वीकृति पर अनुमोदन पर चर्चा की। ईई पीएचई श्री संजय सिंह ने बताया कि रेट्रोफिटिंग, नवीन सिंगल विलेज एवं सोलर आधारित योजनायें तैयार कर प्रस्तुत की गई है। जिसमें 66 रेट्रोफिटिंग, 68 सिंगल विलेज योजना एवं 270 सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसके लिये ऑनलाईन निविदा आमंत्रित किया गया है।
वर्क आर्डर के बाद तत्काल करायें कार्य शुरू
कलेक्टर श्री सिंह ने जल जीवन मिशन अंतर्गत 181 सोलर आधारित योजनाओं पर क्रेडा विभाग से चर्चा की। उन्होंने द्वितीय एवं तृतीय चरण के सभी कार्य अप्रारभ होने पर नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य के लिये वर्क आर्डर कब हुआ, कब टेंडर हुये और कब कार्य चालू होगा। इसकी विस्तृत जानकारी देना जरूरी है। मौखिक जानकारी नहीं देना है, तभी काम में क्लिीयारिटी आयेगी।
स्कूल, आंगनबाड़ी एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र में हो पानी की पहुंच
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने 15 वें वित्त के अंतर्गत रनिंग वाटर कार्य की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने राशि अनुपलब्ध होने पर जल जीवन मिशन से राशि प्रदाय करने के संबंध में कहा। उन्होंने कहा कि 15 वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान का 50 प्रतिशत टाईड फंड है, जो पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित कार्यों पर ही व्यय किया जाना है। उन्होंने कहा कि पेयजल हेतु आरक्षित 50 प्रतिशत राशि से शासकीय संस्थान जैसे-स्कूल, आंगनबाड़ी, उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं ग्राम पंचायत भवन आदि में नल के माध्यम से रनिंग वाटर की व्यवस्था उपलब्ध करना है। इसके लिये उन्होंने समस्त जनपद सीईओ को रनिंग वाटर का कार्य शीघ्र ही पूर्ण किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि किन-किन पंचायतों में कार्य चालू और जहां कार्य शेष है, वहां पंचायतों के सहयोग से कार्य शीघ्र पूर्ण करायें।
ग्रीष्म काल में पेयजल की उपलब्धता के लिये पंपों का रख-रखाव पर दें विशेष ध्यान
कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रीष्म काल में पेयजल की व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने विकासखण्डवार स्थापित हैण्डपंप, नलजल प्रदाय योजना, स्थल जल प्रदाय योजना एवं वर्तमान में चालू सिंगल फेस पावर पंप की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जो भी हैण्डपंप बिगड़े है उसे तत्काल सुधार कराकर चालू कराने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री रवि मित्तल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी.आदित्य, सीएमएचओ डॉ.एस.एन.केशरी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

