June 5, 2026
मुस्लिम महिला सशक्तिकरण में शिक्षा की भूमिका ऐसा कहा जाता है कि जब कोई व्यक्ति ज्ञान प्राप्त...
बिहार मॉडल के मदरसा पाठ्यक्रम : अनुकरणीय बिहार सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम में, बिहार मदरसा शिक्षा...
कुछ चरमपंथियों के विचार बहुसंख्यकों के विचार नहीं हो सकते हैं धर्म सभा, हरिद्वार के दौरान अल्पसंख्यक...
आदिवासीयों का धर्म आदिवासी पूजा पद्धति सनातन धर्म में सम्मिलित है आइए हम समाजशास्त्रियों और अन्य लोगों...
भारत को कजाख दंगों से सीखने की जरूरत कजाकिस्तान जिसे कभी ज्यादातर अशांत मध्य एशियाई क्षेत्र में...
हिंसा करने वाले किसी धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करते पैगंबर मुहम्मद ने कहा: – “क्या आप जानते...

आओ, मिलकर हिंदुस्तान बने।
जब हम पर जरूरत आन पड़ी, ख़तरे मे थी जान पड़ी,
तब हमने क्या ये सोचा था, और खुद से क्या ये पूछा था।
एबुलेन्स ले जाने वाला, डॉक्टर से मिलवाने वाला, ऑक्सिजन दिलवाने वाला, प्लाज्मा चढवाने वाला और खाना भिजवाने वाला, लाशों को दफनाने वाला, लाशे जलाने वाला, कितना ही ज्यादा नेक था वो, हम मे से कोई एक था वो, नाम हमे मालूम न था डिकोस्टा, सिंह या शेख था वो।
हम सारे जब परेशान थे न, उस वक़्त तो हम इंसान थे न,
एक दूसरे के साथ थे हम, मिलकर हिंदुस्तान थे हम।
अब नेताओं के लड़वाने से, मीडिया के भड़काने से, झूठी-मूठी अफवाहों के चक्कर मे आ जाने से, हम क्यूँ बंटवारा करते हैं, मेरा या तुम्हारा करते हैं। बेवजह आपस मे लड़कर, गलती ये दोबारा करते हैं।
अब हमको ये ठानना है, सब को ही अपना मानना है, हिन्दू मुस्लिम, ईसाई-सिख, सब एक ही है, ये जानना है. एक दूसरे की जान बने, इस मुल्क की हम शान बनें, बहुत हुआ हिन्दू-मुस्लिम, आओ मिलकर हिंदुस्तान बने ।

आओ, मिलकर हिंदुस्तान बने। जब हम पर जरूरत आन पड़ी, ख़तरे मे थी जान पड़ी,तब हमने क्या...
Read More Read more about आओ, मिलकर हिंदुस्तान बने।<br>जब हम पर जरूरत आन पड़ी, ख़तरे मे थी जान पड़ी,<br>तब हमने क्या ये सोचा था, और खुद से क्या ये पूछा था।<br>एबुलेन्स ले जाने वाला, डॉक्टर से मिलवाने वाला, ऑक्सिजन दिलवाने वाला, प्लाज्मा चढवाने वाला और खाना भिजवाने वाला, लाशों को दफनाने वाला, लाशे जलाने वाला, कितना ही ज्यादा नेक था वो, हम मे से कोई एक था वो, नाम हमे मालूम न था डिकोस्टा, सिंह या शेख था वो।<br>हम सारे जब परेशान थे न, उस वक़्त तो हम इंसान थे न,<br>एक दूसरे के साथ थे हम, मिलकर हिंदुस्तान थे हम।<br>अब नेताओं के लड़वाने से, मीडिया के भड़काने से, झूठी-मूठी अफवाहों के चक्कर मे आ जाने से, हम क्यूँ बंटवारा करते हैं, मेरा या तुम्हारा करते हैं। बेवजह आपस मे लड़कर, गलती ये दोबारा करते हैं।<br>अब हमको ये ठानना है, सब को ही अपना मानना है, हिन्दू मुस्लिम, ईसाई-सिख, सब एक ही है, ये जानना है. एक दूसरे की जान बने, इस मुल्क की हम शान बनें, बहुत हुआ हिन्दू-मुस्लिम, आओ मिलकर हिंदुस्तान बने ।
देश विरोधी तत्वों द्वारा भारत में ईसाइयों के ऊपर उत्पीड़न का झूठा प्रचार अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में भारत...
मस्जिदों में लाउड स्पीकर के उपयोग की यथार्थता सलात के दौरान लाउडस्पीकरों के उपयोग (5 बार की...